DIC India ने दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के ₹4.36 करोड़ से बढ़कर ₹14.26 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 25% बढ़कर ₹283.95 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, ऑपरेटिंग कैश फ्लो में गिरावट चिंता का विषय है।
DIC India के तिमाही नतीजों का खुलासा
DIC India ने फिस्कल ईयर 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने कमाल का प्रदर्शन दिखाया है। पिछले साल की इसी अवधि में ₹4.36 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली DIC India ने इस बार ₹14.26 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है। यह 226% की भारी बढ़ोतरी है।
रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल
सिर्फ मुनाफे में ही नहीं, बल्कि कंपनी के रेवेन्यू में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी गई है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में, कंपनी का रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹283.95 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹226.48 करोड़ था।
चिंता का एक ही सबब: निगेटिव कैश फ्लो
हालांकि, इतने शानदार नतीजों के बीच एक चिंता की बात सामने आई है। पिछले छह महीनों में, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव (Negative) रहा है। यह अवधि ₹39.17 करोड़ के निगेटिव कैश फ्लो के साथ समाप्त हुई। इसका मतलब है कि कंपनी को अपने मुख्य कारोबार से पैसा बनाने में दिक्कत आ रही है, भले ही वह मुनाफा कमा रही हो। ऐसा वर्किंग कैपिटल (Working Capital), खासकर ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) और इन्वेंट्री (Inventory) के बढ़ने के कारण हो सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए यह एक मिली-जुली खबर है। जहां मुनाफे और रेवेन्यू में वृद्धि उत्साहजनक है, वहीं निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर पैनी नजर रखनी होगी। कंपनी को यह साबित करना होगा कि वह अपने मुनाफे को नकदी (Cash) में बदल सकती है। इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने पोस्टल बैलट (Postal Ballot) शेड्यूल में भी बदलाव को मंजूरी दी है, जिसे ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।
