DCW Ltd ने **29 अक्टूबर, 2026** को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में कंपनी न सिर्फ अपने Q2 फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देगी, बल्कि शेयरों की बायबैक (Buyback) योजना पर भी गंभीरता से विचार करेगी।
क्या है बोर्ड का एजेंडा?
कंपनी ने BSE को सूचित किया है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग 29 अक्टूबर, 2026 को होगी। इसका मुख्य उद्देश्य 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के लिए अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देना है। इसके साथ ही, कंपनी के फुली पेड-अप इक्विटी शेयरों के बायबैक के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।
क्यों अहम है बायबैक?
जब भी कोई कंपनी अपने शेयर वापस खरीदने (Buyback) का फैसला करती है, तो इसे बाजार में एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है। यह कंपनी के मैनेजमेंट का अपने स्टॉक की वैल्यू पर भरोसे को दिखाता है और अक्सर शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त नकदी लौटाने का एक जरिया होता है। यह पूरी प्रक्रिया Companies Act, 2013 और SEBI (Buy-back of Securities) Regulations, 2018 के नियमों के तहत की जाएगी।
ट्रेडिंग विंडो और आगे की राह
SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के अनुसार, कंपनी ने अपनी ट्रेडिंग विंडो पहले ही बंद कर दी है। इसका मतलब है कि अब डेजिग्नेटेड पर्सन्स शेयर की खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएंगे। यह विंडो बोर्ड मीटिंग खत्म होने के 48 घंटे बाद फिर से खुलेगी।
निवेशकों को अब 29 अक्टूबर को होने वाली मीटिंग के नतीजों का इंतजार है। बाजार की नजरें इस बात पर होंगी कि बायबैक का साइज क्या होगा, किस कीमत पर शेयर खरीदे जाएंगे और इसके लिए टेंडर ऑफर या ओपन मार्केट—इनमें से कौन सा रूट अपनाया जाएगा।
