DCW Ltd के तिमाही नतीजों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। कंपनी का रेवेन्यू **22.9%** बढ़कर **₹663 करोड़** हो गया है, लेकिन स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस में मार्जिन के दबाव के कारण नेट प्रॉफिट **24.6%** घटकर **₹10.4 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए यह तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। जहाँ ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹6,629 मिलियन (लगभग ₹663 करोड़) तक पहुँच गया है, वहीं कंपनी का EBITDA 18.1% की गिरावट के साथ ₹475 मिलियन रह गया। मार्जिन में 359 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जो अब 7.17% पर आ गया है।
क्यों घटे मार्जिन?
स्पेशलिटी केमिकल्स डिवीजन, जो कंपनी का मुख्य प्रॉफिट इंजन माना जाता है, के EBITDA में 41.5% की तिमाही गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे मुख्य कारण PVC-CPVC कीमतों के अंतर (spreads) में कमी और समुद्र के जरिए माल ढुलाई (ocean freight) की बढ़ती लागत रही है। इसका सीधा असर नॉर्थ अमेरिकन मार्केट्स में एक्सपोर्ट की मुनाफे पर पड़ा है।
राहत की खबर: बेसिक केमिकल्स
उलटफेर के बावजूद 'बेसिक केमिकल्स' सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया है। VCM-PVC स्प्रेड्स सामान्य होने और बिक्री बढ़ने के कारण इस सेगमेंट का EBITDA ₹128 मिलियन रहा। साथ ही, कंपनी Synthetic Iron Oxide Pigment (SIOP) बिजनेस के लिए ₹250 करोड़ का बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है, जिसे अगले 2 से 3 सालों में पूरा किया जाएगा।
आगे की राह
निवेशकों के लिए SIOP बिजनेस का विस्तार एक अहम लॉन्ग-टर्म ट्रिगर है, जो Q4-FY28 तक पूरा होने की उम्मीद है। शॉर्ट टर्म में, मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी बढ़ती फ्रेट कॉस्ट और स्पेशलिटी केमिकल मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
