Citichem India के FY26 के नतीजे
Citichem India ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹18.70 करोड़ की तुलना में घटकर ₹9.48 करोड़ रह गया, जो 49.3% की बड़ी गिरावट है। वहीं, टोटल रेवेन्यू में 71.7% की भारी कमी आई और यह ₹15.48 करोड़ दर्ज किया गया।
मुनाफे की बात करें तो, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 18.7% गिरकर ₹1 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹1.23 करोड़ था।
कंपनी ने यह भी बताया कि IPO से जुटाई गई राशि को प्रॉस्पेक्टस के अनुसार पूरी तरह से इस्तेमाल कर लिया गया है। एक और अहम बात यह है कि कंपनी ने अपना लॉन्ग-टर्म डेट पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो कि ₹0.62 करोड़ था।
नतीजों के पीछे क्या है?
कंपनी के अनुसार, टोटल रेवेन्यू में आई बड़ी गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल (FY25) में सरी क्रेडिटर्स (sundry creditors) का एकमुश्त ₹35.68 करोड़ का राइट-बैक (write-back) था। यह एक नॉन-रिकरिंग (non-recurring) आय थी जिसने पिछले साल के नतीजों को बढ़ाया था। हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू में आई कमी पर निवेशकों की नजर रहेगी। PAT में आई मामूली गिरावट, रेवेन्यू घटने के बावजूद, कंपनी के कॉस्ट मैनेजमेंट या ऑपरेशनल एफिशिएंसी का संकेत दे सकती है।
निवेशक क्या ध्यान दें?
IPO फंड का पूरा इस्तेमाल और लॉन्ग-टर्म डेट का खत्म होना कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत बनाता है। लेकिन, ₹21.44 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड से जुड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटी (contingent liabilities) निवेशकों के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। अगर इनकम टैक्स विभाग के मामले में कंपनी के खिलाफ फैसला आता है, तो इसका कंपनी की वित्तीय सेहत पर गहरा असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
अब निवेशक कंपनी के तिमाही नतीजों पर करीब से नजर रखेंगे कि वह अपने कोर बिजनेस से रेवेन्यू और प्रॉफिट कैसे बढ़ाती है। साथ ही, इनकम टैक्स से जुड़े मामलों में क्या होता है, इस पर भी अपडेट रहना जरूरी होगा।
