Chebond Chemicals: रेवेन्यू में **32%** का उछाल, लेकिन बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

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AuthorAditya Rao|Published at:
Chebond Chemicals: रेवेन्यू में **32%** का उछाल, लेकिन बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

Chembond Chemicals ने H1 FY27 के लिए दमदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **32%** की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹182.25 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के मार्जिन को **12%** पर समेट दिया है।

मुनाफे पर क्यों दिख रहा दबाव?

कंपनी ने टॉप-लाइन (रेवेन्यू) में तो शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बॉटम-लाइन पर इसका असर नहीं दिखा। कंपनी का EBITDA महज 2% बढ़कर ₹22.55 करोड़ रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 16% से गिरकर 12% पर आ गया है, क्योंकि कंपनी के लिए इनपुट कॉस्ट को ग्राहकों पर तुरंत पास करना मुश्किल हो गया है।

बिज़नेस का हाल

ग्रोथ सभी सेगमेंट्स में देखी जा रही है:

  • Water Technologies: 28% की ग्रोथ, जिसमें डेटा सेंटर की डिमांड बड़ी भूमिका निभा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि डेटा सेंटर से रेवेन्यू का हिस्सा अगले 3 वर्षों में 8% से बढ़कर 15% हो जाएगा।
  • Construction Chemicals: 30% की ग्रोथ, खासकर गुजरात और महाराष्ट्र में।
  • Distribution और Cleaning & Hygiene: इन सेगमेंट्स ने क्रमशः 86% और 59% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।

निवेशकों के लिए चिंता?

मैनेजमेंट ने बताया कि रॉ मटेरियल की महंगाई सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्लोबल सप्लाई चेन और फ्रेट रेट्स में उतार-चढ़ाव के कारण मटेरियल कॉस्ट सेल्स का 56% हो गया है, जो पिछले साल 46% था। कंपनी के वॉटर सेगमेंट का लगभग 30% रेवेन्यू फिक्स्ड-प्राइस PSU कॉन्ट्रैक्ट्स में लॉक है, जिससे लागत बढ़ने पर कीमतों को तुरंत एडजस्ट करना मुश्किल हो जाता है।

आगे की राह

अब निवेशकों की नज़र H2 FY27 में मार्जिन रिकवरी और कंपनी के ₹1,000 करोड़ के रेवेन्यू टारगेट पर होगी, जिसे कंपनी अगले 3 वर्षों में पूरा करना चाहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.