Castrol India के Q3 2026 नतीजे आ गए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **27%** बढ़कर **₹1,735 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत और करेंसी की अस्थिरता के कारण नेट प्रॉफिट **₹228 करोड़** से घटकर **₹176 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी ने शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ तो दिखाई है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ है। ₹1,735 करोड़ का रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,363 करोड़ के मुकाबले काफी बेहतर है। हालांकि, महंगाई और रॉ मटेरियल की कीमतों में उछाल के चलते प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में गिरावट देखी गई। अगर 9 महीने की बात करें, तो कंपनी ने कुल ₹5,151 करोड़ का रेवेन्यू और ₹766 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।
कंपनी का बढ़ता नेटवर्क
ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी का मजबूत डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क है। आज Castrol के आउटलेट्स की संख्या 1,67,000 तक पहुंच गई है, जिसमें 46,000 आउटलेट्स सिर्फ रूरल एरिया (ग्रामीण क्षेत्रों) में हैं। मैनेजमेंट ने मार्जिन को बचाने के लिए कीमतों में बदलाव किए हैं, लेकिन आगे के लिए इन्फ्लेशनरी दबाव अभी भी एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।
ऑडिटिंग में बड़ा बदलाव
कंपनी ने नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में Price Waterhouse Chartered Accountants LLP को नियुक्त करने का फैसला लिया है। यह 5 साल का कार्यकाल 2027 में 49th एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से शुरू होगा। फिलहाल, Deloitte Haskins & Sells LLP अपना दूसरा 5 साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
आगे की राह
इन्वेस्टर्स को अब कंपनी के नए प्रोडक्ट्स जैसे 'Magna CTX' और 'Hysol' सीरीज की परफॉर्मेंस पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, इस तिमाही में 700 नए इंडस्ट्रियल कस्टमर्स को जोड़ना एक सकारात्मक संकेत है जिसे ट्रैक करना जरूरी है।
