Camlin Fine Sciences ने ₹250 करोड़ का फंड जुटाने के लिए राइट्स इश्यू का ऐलान किया है, लेकिन साथ ही कंपनी पर SEBI का प्रशासनिक डंडा भी चला है। कंपनी का सितंबर तिमाही का घाटा बढ़कर ₹29.70 करोड़ हो गया है।
फंड जुटाने की कवायद और रेगुलेटरी संकट
Camlin Fine Sciences लिमिटेड ने अपने कामकाज को गति देने के लिए ₹250 करोड़ का फंड जुटाने की योजना बनाई है, जिसे 'राइट्स इश्यू' के जरिए लाया जाएगा। कंपनी के बोर्ड ने 'सिक्योरिटीज इश्यू एंड अलॉटमेंट कमेटी' को इसके इश्यू प्राइस, एंटाइटेलमेंट रेशियो और रिकॉर्ड डेट जैसे अहम फैसले लेने का अधिकार दे दिया है। हालांकि, इसी बीच कंपनी के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। कंपनी को 29 अक्टूबर, 2026 को SEBI की ओर से एक प्रशासनिक चेतावनी पत्र मिला है, जिसमें LODR नियमों के उल्लंघन का जिक्र है।
क्यों है चिंता का विषय?
एक तरफ जहां राइट्स इश्यू से कंपनी के बैलेंस शीट को सहारा मिलने की उम्मीद है, वहीं SEBI की चेतावनी ने कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि राइट्स इश्यू का प्राइस क्या रहता है, क्योंकि बड़ा डिस्काउंट शेयरधारकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन का जोखिम ला सकता है।
तिमाही नतीजों का हाल
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के जो नतीजे पेश किए हैं, वे मिले-जुले हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹450.27 करोड़ से बढ़कर ₹491.47 करोड़ हो गया है। हालांकि, मुनाफे की जगह कंपनी का नेट लॉस दोगुना होकर ₹29.70 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹14.95 करोड़ था।
आगे क्या?
फिलहाल निवेशकों को राइट्स इश्यू की रिकॉर्ड डेट और डिस्काउंटेड प्राइस की घोषणा का इंतजार करना चाहिए। इसके अलावा, बाजार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या कंपनी SEBI की चेतावनी पर कोई सफाई पेश करती है या भविष्य के लिए किसी बड़े सुधार का ऐलान करती है या नहीं।
