Camlin Fine Sciences ने अपनी गिरती लिक्विडिटी और बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए **₹250 करोड़** के राइट्स इश्यू (Rights Issue) को मंजूरी दे दी है। दूसरी तिमाही में कंपनी के मार्जिन पर काफी दबाव दिखा है, लेकिन मैनेजमेंट ने Q4 तक रिकवरी का लक्ष्य रखा है।
लिक्विडिटी का संकट और फंड जुटाने की तैयारी
कंपनी ने फंड जुटाने की अपनी योजना साफ कर दी है। ₹250 करोड़ का यह राइट्स इश्यू कंपनी के वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया जा रहा है। कंपनी फिलहाल लिक्विडिटी के भारी दबाव में है, जिसकी वजह से उसे काफी महंगे चैनल फाइनेंसिंग का सहारा लेना पड़ रहा था। अच्छी बात यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने इस इश्यू को सफल बनाने का भरोसा दिया है, जिसे साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
Q2 के नतीजे और चुनौतियां
कंपनी के लिए दूसरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते फाइनेंसिंग खर्च के कारण कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन 3.4% से गिरकर 2.5% पर आ गया है। कंपनी के 'अरोमा बिजनेस' (Aroma Business) में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की समस्या के चलते रेवेन्यू ₹774 मिलियन से घटकर ₹472 मिलियन रह गया है। इसके अलावा, चाइनीज कॉम्पिटिशन और लागत बढ़ने के कारण 'डाइफेनोल प्लांट' (Diphenol plant) भी मई 2026 से बंद पड़ा है।
Q4 के लिए क्या है मैनेजमेंट का लक्ष्य?
मैनेजमेंट ने माना है कि अभी का परफॉर्मेंस निराशाजनक है और तीसरी तिमाही भी चुनौतीपूर्ण रह सकती है। हालांकि, चौथी तिमाही (Q4) के लिए उन्होंने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। अगर फंड जुटाने की प्रक्रिया सफल रहती है, तो कंपनी ₹600 करोड़ का रेवेन्यू और ₹60 करोड़ से ज्यादा का EBITDA हासिल करने की उम्मीद कर रही है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजरें अब 4 नवंबर 2026 पर टिकी हैं, जब ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल होने की उम्मीद है। हालांकि, रिकवरी पूरी तरह से फंड जुटाने की टाइमिंग और ऑपरेशनल रिकवरी पर निर्भर करेगी। स्पेशल इंग्रीडिएंट्स सेगमेंट में मार्जिन 8.04% तक सुधरा है, जो कंपनी के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
