Bodal Chemicals का प्रदर्शन FY26 में काफी दमदार रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **16.9%** बढ़कर **₹2,053.9 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने पुरानी यूनिट्स को बंद कर गुजरात में नई 'सायखा' ग्रीनफील्ड फैसिलिटी शुरू की है, जिससे मुनाफा **₹47.8 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, निवेशकों को इस बार डिविडेंड का इंतजार करना होगा क्योंकि बोर्ड ने कोई ऐलान नहीं किया है।
मुनाफे में कैसे आई चमक?
कंपनी की ओर से जारी सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, Bodal Chemicals ने जबरदस्त रिकवरी दिखाई है। पिछले साल के मुकाबले नेट प्रॉफिट 158.5% बढ़कर ₹47.8 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल महज ₹18.5 करोड़ था। कंपनी का EBITDA भी 18.8% सुधरकर ₹202.8 करोड़ पर आ गया है।
क्यों खास है नई फैक्ट्री?
इस ग्रोथ के पीछे गुजरात में नई सायखा ग्रीनफील्ड फैसिलिटी का बड़ा हाथ है। इसमें जर्मन 'एडियाबेटिक नाइट्रेशन टेक्नोलॉजी' (Adiabatic Nitration Technology) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कंपनी अब MCB, PNCB और ONCB जैसे हाई-वैल्यू बेंजीन डेरिवेटिव्स सेगमेंट में आ गई है। साथ ही, वटवा (Vatva) की पुरानी यूनिट्स को बंद करके फिक्स्ड कॉस्ट को कम करने की रणनीति भी काम आई है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। तुर्की में मौजूद कंपनी की सब्सिडियरी 'Sen-er Boya' वहां की महंगाई (hyperinflation) से जूझ रही है, जो कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, डिविडेंड न मिलने से उन निवेशकों को निराशा हो सकती है जो शेयर से रेगुलर इनकम की उम्मीद लगाए बैठे थे।
आगे क्या देखें?
कंपनी की 40वीं AGM 25 सितंबर, 2026 को होनी है। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि नई सायखा साइट पर प्रोडक्शन कितनी तेजी से बढ़ता है, क्योंकि मैनेजमेंट का मानना है कि यही आने वाले समय में कंपनी के ग्रोथ का असली इंजन होगा।
