Best Agrolife ने अपने Q2 FY2027 के नतीजे जारी किए हैं। खराब खरीफ सीजन और कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स से दूरी बनाने के कारण कंपनी का रेवेन्यू **21%** गिरकर **₹407 करोड़** रहा, लेकिन हाई-मार्जिन पेटेंटेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करने से कंपनी का नेट प्रॉफिट **48%** बढ़कर **₹57 करोड़** हो गया है।
मुनाफे में बड़ी बढ़त के पीछे का गणित
कंपनी ने इस तिमाही में अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। कम मार्जिन वाले जेनेरिक प्रोडक्ट्स को छोड़ने के फैसले का असर साफ दिख रहा है। कंपनी का EBITDA 30% बढ़कर ₹101 करोड़ हो गया है, और EBITDA मार्जिन 25% के स्तर पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि पेटेंटेड मॉलिक्यूल्स पर शिफ्ट होने से कंपनी अब बाजार के उतार-चढ़ाव से बेहतर तरीके से निपट रही है।
टैक्स विवादों पर राहत
निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि पिछले कुछ सालों से चले आ रहे इनकम टैक्स के मामले अब सुलझ गए हैं। कंपनी पर अब कोई देनदारी नहीं है और उसे जल्द ही ₹15 करोड़ का टैक्स रिफंड मिलने की उम्मीद है।
इंटरनेशनल और ऑपरेशनल विस्तार
Best Agrolife अब अपने ग्लोबल फुटप्रिंट को बढ़ा रही है। हाल ही में सूडान को एक्सपोर्ट शुरू करने के साथ-साथ, कंपनी ने ब्राजील में भी अपनी सब्सिडियरी स्थापित की है। कंपनी का लक्ष्य 2027 की शुरुआत तक वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को कम करना और कर्ज को घटाना है। हालांकि, 'Midcotin' जैसे नए प्रोडक्ट्स की सफलता और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।
