BASF India का शेयर उड़ा! शेयरहोल्डर्स की मंजूरी, Q1 में मुनाफा 166% बढ़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
BASF India का शेयर उड़ा! शेयरहोल्डर्स की मंजूरी, Q1 में मुनाफा 166% बढ़ा

BASF India के शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है। कंपनी की AGM में एग्री बिजनेस (Agri business) को अलग करने के फैसले को भारी बहुमत से मंजूरी मिल गई है। साथ ही, कंपनी ने पहली तिमाही में अपने मुनाफे (Profit) में 166% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।

BASF India शेयरधारकों ने एग्री डीमर्जर को मंजूरी दी, Q1 में मुनाफा 166% बढ़ा

क्या हुआ?

BASF India ने अपनी 82वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अपने एग्रीबिजनेस सॉल्यूशंस (Agricultural Solutions) को अलग करने के फैसले पर शेयरधारकों की भारी सहमति हासिल की है। अब यह नया कारोबार BASF India Solutions Ltd (BASIL) के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY26-27) की पहली तिमाही में अपने मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले मुनाफा 166% बढ़कर ₹499 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹4,998 करोड़ पर पहुंच गया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

एग्रीबिजनेस को एक अलग कंपनी बनाने से शेयरधारकों को बेहतर वैल्यू मिलने की उम्मीद है। इससे नया कारोबार कृषि क्षेत्र में और मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। Q1 के शानदार नतीजे पिछले फाइनेंशियल ईयर की सुस्ती के बाद एक मजबूत वापसी का संकेत दे रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।

क्या है पिछला रिकॉर्ड?

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY25-26) में BASF India का रेवेन्यू 2% बढ़कर ₹15,539 करोड़ हुआ था, लेकिन एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले मुनाफा 9% गिरकर ₹564 करोड़ रह गया था। इसी दौरान, कंपनी ने 30 जून 2026 को अपना कोटिंग्स बिजनेस The Carlyle Group को लगभग ₹230 करोड़ में बेच दिया था।

अब क्या बदलेगा?

एग्री डीमर्जर के लिए शेयरधारकों की मंजूरी एक अहम कदम है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिलने की उम्मीद 2026 के अंत तक है, और BASIL को 2027 की पहली छमाही में लिस्ट किए जाने का लक्ष्य है। कोटिंग्स बिजनेस का सौदा पूरा हो चुका है और अब यह 'Surventis' ब्रांड के तहत काम कर रहा है। कंपनी ने 250% (यानी ₹25 प्रति शेयर) का डिविडेंड (Dividend) भी रेकमेंड किया है।

जोखिम क्या हैं?

कंपनी का मैनेजमेंट सप्लाई चेन में संभावित बाधाओं और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता को लेकर सतर्क है। डीमर्जर के लिए NCLT की मंजूरी की टाइमलाइन पर भी नजर रखनी होगी।

पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)

BASF India की एग्री डीमर्जर की रणनीति उसी दिशा में है जिधर दूसरे कंपटीटर अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं। कंपनी ने बताया कि उनका ओवरऑल मार्केट शेयर लगभग 7% है, जो कुछ साल पहले 3% था। वे Bayer, Syngenta, और Dow जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को डीमर्जर के लिए NCLT की मंजूरी प्रक्रिया और BASIL की लिस्टिंग पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी का 'लोकल-फॉर-लोकल' मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस, दहेज (Dahej) और मैंगलोर (Mangalore) में एक्सपैंशन प्रोजेक्ट्स, और पार्टनर्शिप के जरिए रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना भी अहम पहलू रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.