BASF India: शेयरधारकों ने Agri Demerger को दी मंजूरी, Coatings बिज़नेस ₹230 Cr में बिका

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
BASF India: शेयरधारकों ने Agri Demerger को दी मंजूरी, Coatings बिज़नेस ₹230 Cr में बिका

BASF India के शेयरधारकों ने कंपनी के एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस (Agricultural Solutions) बिज़नेस को एक नई लिस्टेड कंपनी में अलग करने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने अपने कोटिंग्स (Coatings) बिज़नेस को Carlyle Group को ₹230.16 करोड़ में बेच दिया है।

BASF India में बड़े बदलाव

BASF India Ltd के शेयरधारकों ने कंपनी के एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस (Agricultural Solutions) बिज़नेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी, जिसे फिलहाल BASF Agricultural Solutions India Limited (BASIL) नाम दिया गया है, में डीमर्ज (Demerge) करने के प्रस्ताव पर भारी सहमति जताई है। कंपनी का लक्ष्य BASIL को 2027 की पहली छमाही तक लिस्ट कराना है। इसके साथ ही, BASF India ने अपने कोटिंग्स (Coatings) बिज़नेस को Carlyle Group को ₹230.16 करोड़ में बेचने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो 30 जून 2026 से प्रभावी है। अब यह अलग हुआ बिज़नेस "Surventis" ब्रांड नाम से काम करेगा।

यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

इन कदमों से BASF India की रणनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव आया है। डीमर्जर का मकसद एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस के लिए एक केंद्रित कंपनी बनाकर वैल्यू (Value) को अनलॉक करना है। इससे एक अलग निवेशक वर्ग आकर्षित हो सकता है और ग्रोथ की रणनीति को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। कोटिंग्स बिज़नेस को बेचने से कंपनी के ऑपरेशंस (Operations) सुव्यवस्थित होंगे और पूंजी भी प्राप्त होगी। कंपनी के पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) और हालिया तिमाही के नतीजों में दिख रहा अंतर, लाभप्रदता (Profitability) में चल रही चुनौतियों और हालिया सुधारों को दर्शाता है।

पुरानी कहानी

BASF India अपने बिज़नेस पोर्टफोलियो (Portfolio) की समीक्षा कर रही है। एग्रीकल्चरल सेगमेंट (Segment) को डीमर्ज करना एक लंबे समय से चली आ रही रणनीति है, जिसका उद्देश्य इसके अलग बाजार की गतिशीलता (Dynamics) और ग्रोथ की संभावनाओं को अलग करना है। कोटिंग्स बिज़नेस की बिक्री, केमिकल कंपनियों द्वारा गैर-प्रमुख संपत्तियों (Non-core Assets) को बेचने की व्यापक वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा है।

अब क्या बदलेगा?

शेयरधारक जल्द ही दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के शेयर रखेंगे: BASF India और डीमर्ज हुआ एग्रीकल्चरल सॉल्यूशंस बिज़नेस। कोटिंग्स बिज़नेस अब BASF India के ऑपरेशंस या फाइनेंशियल रिपोर्टिंग का हिस्सा नहीं रहेगा। कंपनी ने दाहेज (Dahej) में Cellasto का विस्तार और मैंगलोर (Mangalore) में नई डिस्पर्सन लाइन (Dispersions Line) सहित क्षमता विस्तार परियोजनाओं (Capacity Expansion Projects) को भी पूरा किया है।

जोखिम जिन पर नज़र रखनी है

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में, रेवेन्यू (Revenue) में 2% की बढ़त होकर ₹15,539 करोड़ रहा, लेकिन इनपुट लागत (Input Costs) और प्रोडक्ट मिक्स (Product Mix) के कारण प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) बिफोर एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) में 9% की गिरावट आकर ₹564 करोड़ रहा। यह अप्रैल-जून 2026 की मजबूत तिमाही के विपरीत है, जहाँ वॉल्यूम (Volume) और कीमतों में बढ़त के कारण रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹4,998 करोड़ और PBT बिफोर एक्सेप्शनल आइटम्स 166% बढ़कर ₹499 करोड़ हो गया।

भविष्य में क्या देखें

निवेशक 2027 की पहली छमाही में BASIL के लिस्टिंग की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance), खासकर मार्जिन रिकवरी (Margin Recovery) और मुख्य बिज़नेस में वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth), महत्वपूर्ण होगा। क्षमता विस्तार का सफल एकीकरण (Integration) और सुरक्षा पर निरंतर ध्यान प्रमुख ऑपरेशनल इंडिकेटर्स (Operational Indicators) होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.