Archean Chemical Industries ने Q2FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **26%** बढ़कर **₹301.6 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे ब्रोमीन और उसके डेरिवेटिव्स की मजबूत मांग से जबरदस्त सपोर्ट मिला है।
मुनाफे का गणित और सेगमेंट की परफॉर्मेंस
कंपनी के लिए दूसरी तिमाही काफी मिला-जुला असर लेकर आई है। ब्रोमीन सेगमेंट में 76% और ब्रोमीन डेरिवेटिव्स में 81% का जोरदार उछाल देखने को मिला है। हालांकि, इंडस्ट्रियल सॉल्ट (Industrial Salt) के वॉल्यूम में थोड़ी गिरावट आई, जो कि 0.8 मिलियन टन रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि यह लॉजिस्टिकल दिक्कतों के कारण हुआ था, जो अब सुधर चुकी हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट इस तिमाही ₹31.3 करोड़ दर्ज किया गया है।
नई राह: सेमीकंडक्टर और बैटरी स्टोरेज
Archean Chemical अब सिर्फ सॉल्ट बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी का पूरा फोकस अब हाई-वैल्यू डेरिवेटिव्स और फ्यूचर-रेडी सेक्टर पर है। कंपनी ओडिशा में अपना 'सिलिकॉन कार्बाइड' (SiC) सेमीकंडक्टर प्लांट लगा रही है, जिसे 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' का समर्थन हासिल है। इसके अलावा, कंपनी 'Offgrid Energy Labs' में अपनी हिस्सेदारी के जरिए जिंक-ब्रोमाइड बैटरी टेक्नोलॉजी में भी बड़े दांव लगा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
ग्रोथ के बीच मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है। H1FY27 में कंपनी का EBITDA गिरकर ₹147.3 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹155.3 करोड़ था। कंपनी जिस तरह से नए हाई-टेक फैसिलिटी में भारी निवेश (Capex) कर रही है, उसे देखते हुए निवेशकों को कंपनी की ऑपरेशनल कॉस्ट और मार्जिन की चाल पर कड़ी नजर रखनी होगी।
नजर डालें कुछ जरूरी आंकड़ों पर:
- H1FY27 टोटल इनकम: ₹634.4 करोड़ (पिछले साल ₹540.2 करोड़)
- Q2 EPS: ₹2.60 (पिछले साल ₹2.36)
