Archean Chemical Industries ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹32.06 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अपने कोर ऑपरेशंस के साथ-साथ गुजरात में लैंड लीज रिन्यूअल और सेमीकंडक्टर सब्सिडियरी SiCSem के जरिए बड़े विस्तार की तैयारी में है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर तिमाही के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹297.36 करोड़ रहा है। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹290.72 करोड़ के रेवेन्यू के साथ ₹43.20 करोड़ का प्रॉफिट हासिल किया है। इन नतीजों की समीक्षा PKF Sridhar & Santhanam LLP द्वारा की गई है।
गुजरात लैंड लीज का रिस्क
निवेशक कंपनी के नतीजों के साथ-साथ एक अहम नियामक मुद्दे पर भी नजर बनाए हुए हैं। कंपनी का मुख्य प्रोडक्शन प्लांट गुजरात की जिस जमीन पर स्थित है, उसकी लीज 2018 में ही समाप्त हो चुकी है। कंपनी ने इसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है और वे नियमित भुगतान कर रहे हैं, लेकिन जब तक यह मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक यह एक ऑपरेशनल रिस्क बना रहेगा।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ी छलांग
कंपनी की सब्सिडियरी, SiCSem Private Limited, तेजी से आगे बढ़ रही है। मई 2026 में कंपनी ने India Semiconductor Mission और ओडिशा सरकार के साथ एक Fiscal Support Agreement साइन किया है। इसके तहत, कंपनी को 75% तक के एलिजिबल कैपिटल एक्सपेंडिचर पर सरकारी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जो लॉन्ग टर्म में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
आगे का रास्ता
फिलहाल, निवेशकों को गुजरात सरकार की ओर से लीज रिन्यूअल पर आने वाले औपचारिक नोटिफिकेशन और SiCSem के प्रोजेक्ट माइलस्टोन्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही स्टॉक की चाल तय करेंगे।
