Anupam Rasayan India Ltd ने अपनी सब्सिडियरी Mates Visa Consultancy Private Limited (MVCPL) की फंडिंग के लिए एक नई स्ट्रक्चर को मंजूरी दी है। कंपनी इसके लिए **₹300 करोड़** के सिक्योरड NCD जारी करेगी।
फंडिंग की पूरी योजना
बोर्ड ने अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Mates Visa Consultancy Private Limited (MVCPL) के लिए ₹300 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत 30,000 सीनियर सिक्योरड, अनरेटेड और अनलिस्टेड रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी किए जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति डिबेंचर होगी।
क्या है कंपनी का दांव?
इस कर्ज को सुरक्षित करने के लिए Anupam Rasayan अपनी सब्सिडियरी में 100% हिस्सेदारी को गिरवी (Pledge) रखेगी। साथ ही, कंपनी ने डिबेंटर ट्रस्टी के पक्ष में एक 'अनकंडीशनल और इरेवोकेबल' कॉरपोरेट गारंटी देने का फैसला किया है। इसके अलावा, Anupam Rasayan अपनी एसोसिएट कंपनी, Purebliss Pharma Solutions में अपनी 15% हिस्सेदारी को भी गिरवी रखेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
हालांकि यह कदम सब्सिडियरी की फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा, लेकिन इससे Anupam Rasayan पर कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) का भार बढ़ सकता है। बोर्ड ने Purebliss Pharma को एक 'कॉल ऑप्शन' एग्रीमेंट की भी अनुमति दी है, जिसके तहत कंपनी के पास भविष्य में MVCPL के शेयरों को खरीदने का अधिकार होगा। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि गिरवी रखे गए एसेट्स का कंपनी की भविष्य की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर क्या असर पड़ता है।
