Anupam Rasayan India Ltd ने Bliss GVS Pharma में **48.2%** कंट्रोलिंग हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। **₹299** प्रति शेयर की कीमत पर हुई यह डील कंपनी को फिनिश्ड डोजेज फॉर्मूलेशन के बाजार में सीधे तौर पर खड़ा कर देगी, जिससे संयुक्त रेवेन्यू **₹4,000 करोड़** के पार पहुंच जाएगा।
क्या है यह बड़ी डील?
Anupam Rasayan India Ltd ने 28 सितंबर 2026 को Bliss GVS Pharma में 48.2% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह कंपनी का तीसरा बड़ा इनऑर्गेनिक मूव है। इससे पहले कंपनी Tanfac Industries और Jayhawk Fine Chemicals में भी निवेश कर चुकी है। इस अधिग्रहण के जरिए अब कंपनी स्पेशलिटी केमिकल्स से आगे बढ़कर सीधे फार्मास्यूटिकल फॉर्मूलेशन के बिजनेस में उतर गई है।
क्यों खास है यह अधिग्रहण?
इस डील से एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है जिसका प्रो-फॉर्मा रेवेन्यू ₹4,000 करोड़ से ज्यादा और EBITDA लगभग ₹834 करोड़ है। Bliss GVS के पास 150 से ज्यादा ब्रांड्स और 6 US FDA व WHO-GMP सर्टिफाइड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं, जो Anupam Rasayan को एक एंड-टू-एंड वैल्यू चेन बनाने में मदद करेंगी।
फंडिंग और स्ट्रक्चर
कंपनी ने बैलेंस शीट पर दबाव कम रखने के लिए इसे डेट और स्पेशलाइज्ड इक्विटी के मिश्रण से फंड किया है। इसमें ₹300 करोड़ का टर्म लोन और Bain Capital, Trust Group व Investec जैसे निवेशकों से जुटाए गए लगभग ₹1,450 करोड़ के नॉन-वोटिंग इंस्ट्रूमेंट्स शामिल हैं।
आगे की चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ की संभावनाएं बड़ी हैं, लेकिन मैनेजमेंट के सामने 4 अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को एक साथ लाने की चुनौती होगी। साथ ही, Bliss GVS के महाराष्ट्र स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की 30% क्षमता का सही इस्तेमाल करना कंपनी के लिए प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने का मुख्य मंत्र होगा।
