Amal Ltd ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के **₹54 करोड़** से बढ़कर **₹131.23 करोड़** हो गया है। गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत मिले GST इंसेंटिव्स का फायदा मुनाफे पर साफ दिख रहा है।
मुनाफे का गणित
सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹6.16 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹6.06 करोड़ था। टॉप-लाइन में आई भारी तेजी के पीछे सरकारी नीतियों का बड़ा हाथ है।
क्यों संभलकर निवेश करें?
मैनेजमेंट ने निवेशकों को स्पष्ट किया है कि मौजूदा नतीजों की तुलना पिछले साल के आंकड़ों से करना सही नहीं होगा। गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2015 के तहत मिले GST इंसेंटिव्स ने कंपनी के 'अदर इनकम' (Other Income) कंपोनेंट को बदल दिया है। इस तिमाही में कंपनी को ₹1.70 करोड़ की और छमाही आधार पर ₹7.31 करोड़ की 'अदर इनकम' प्राप्त हुई है, जो मुनाफे का मुख्य आधार बनी है।
गवर्नेंस और ऑडिट
कंपनी के इन वित्तीय परिणामों को 16 अक्टूबर, 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी मिली। ऑडिट कमेटी की सिफारिश के बाद, कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर Deloitte Haskins & Sells LLP ने 'अनमॉडिफाइड रिपोर्ट' (Unmodified Report) जारी की है, जो कंपनी के लेखांकन (Accounting) में किसी बड़ी गड़बड़ी के न होने का संकेत है।
अब आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब ट्रैक करने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी का कोर ऑपरेशनल मोमेंटम इन वन-टाइम गेन्स (One-time gains) के बिना भी बना रह सकता है या नहीं। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि इंसेंटिव्स का असर नॉर्मलाइज होने के बाद बिजनेस कैसा प्रदर्शन करता है।
