AksharChem India: रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफा हुआ गायब, घाटे के बावजूद निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
AksharChem India: रेवेन्यू बढ़ा पर मुनाफा हुआ गायब, घाटे के बावजूद निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा

AksharChem India के FY26 नतीजों में मिला-जुला असर दिखा। कंपनी का रेवेन्यू तो **7.5%** बढ़कर **₹372.43 करोड़** पहुंच गया, लेकिन बढ़ती लागत के दबाव में कंपनी को **₹0.44 करोड़** का नेट लॉस झेलना पड़ा है।

मुनाफे पर लागत की मार

वित्त वर्ष 2025-26 में AksharChem India का प्रदर्शन चुनौती भरा रहा। कंपनी की टॉप-लाइन पिछले साल के ₹346.27 करोड़ से बढ़कर ₹372.43 करोड़ रही, लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी को ₹0.44 करोड़ का घाटा हुआ है, जो पिछले साल ₹4.77 करोड़ के मुनाफे में थी। कंपनी का EBITDA भी ₹24.83 करोड़ से घटकर ₹5.31 करोड़ पर आ गया है।

डिविडेंड का सहारा

घाटे के बावजूद, कंपनी ने अपने निवेशकों का ख्याल रखा है और ₹0.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह कदम निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

कैपेसिटी विस्तार और मैनेजमेंट में बदलाव

कंपनी ने अपनी भविष्य की योजनाओं पर काम करते हुए प्रेसिपिटेटेड सिलिका (Precipitated Silica) की क्षमता को 6,000 MTPA बढ़ाकर कुल 18,000 MTPA कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने मैनेजमेंट में बदलाव करते हुए Devalkumar Indrabal Suthar को नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है, जो Ashok Dolatsinh Barot की जगह लेंगे।

आगे की चुनौतियां

मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि चीन से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल सप्लाई चेन में जारी अस्थिरता मार्जिन पर लगातार दबाव बना रही है। अब निवेशकों की नजरें इस पर होंगी कि कंपनी अपनी नई क्षमता का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या वह भविष्य में मार्जिन को वापस ट्रैक पर ला पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.