Advance Agrolife के Q2 FY27 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी की कुल कमाई में **35%** का उछाल आया है, लेकिन मार्जिन पर दबाव के चलते नेट प्रॉफिट **26%** गिरकर **₹11.79 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर दबाव की वजह
कंपनी की कुल इनकम Q2 FY27 में ₹287.48 करोड़ रही है, जबकि PAT यानी नेट प्रॉफिट ₹11.79 करोड़ दर्ज किया गया। मुनाफे में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मार्जिन का कम होना है। EBITDA 15% गिरकर ₹21.83 करोड़ पर आ गया है और मार्जिन पिछले साल के 12.1% से घटकर 7.6% रह गया है। कंपनी का EPS (Earnings Per Share) ₹1.84 रहा है।
भविष्य की रणनीति: 'फॉर्म्युलेटर' से 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर' का सफर
कंपनी अब अपना बिजनेस मॉडल पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है। अभी तक कंपनी केवल फॉर्म्युलेटर के तौर पर काम कर रही थी, लेकिन अब वह 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर' बनने की ओर बढ़ रही है। इससे कंपनी खुद अपने टेक्निकल-ग्रेड केमिकल बनाएगी, जिससे बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और लागत (COGS) में कमी आएगी।
क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) का दम
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी कई बड़े कदम उठा रही है:
- दाहेज, गुजरात में Unit-5 का निर्माण शुरू हो गया है, जो टेक्निकल-ग्रेड पेस्टिसाइड्स पर फोकस करेगा।
- Q4 FY28 तक कंपनी अपनी 2,4-D हर्बिसाइड क्षमता को 4 गुना बढ़ाकर 10,000 MT करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
- कंपनी का इरादा अपने एक्सपोर्ट को वर्तमान के 2% से बढ़ाकर FY29 तक कुल रेवेन्यू का 20% करने का है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे की राह
कंपनी का ब्राजील और दक्षिण-पूर्व एशिया (SE Asia) जैसे मार्केट्स में प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वहां प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी होती है। निवेशकों के लिए कंपनी के मार्जिन में सुधार और Unit-5 के कमिशनिंग की खबर पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। अगर कंपनी अपने EBITDA मार्जिन को वापस डबल डिजिट में ले आती है, तो यह शेयर के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत होगा।
