Acutaas Chemicals ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपनी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी कर दी है। कंपनी का टर्नओवर **₹1,323.79 करोड़** रहा है और अब यह अपनी **52%** ऊर्जा जरूरतों को सोलर पावर से पूरा कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ESG का तालमेल
Acutaas Chemicals ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में ₹1,323.79 करोड़ का टर्नओवर और ₹1,668.39 करोड़ की नेट वर्थ दर्ज की है। कंपनी ने न केवल अपने फाइनेंशियल आंकड़ों को पेश किया है, बल्कि ESG (Environmental, Social, and Governance) के मोर्चे पर भी अपनी पारदर्शिता को साबित किया है। इस रिपोर्ट को TÜV SÜD South Asia से आश्वासन (assurance) भी मिला है।
ग्रीन पावर और ऑपरेशंस
कंपनी ने अपनी सोलर कैपेसिटी को बढ़ाकर 15.8 MW कर लिया है। इसका सीधा असर Ankleshwar और Jhagadia प्लांट्स पर पड़ा है, जहां कुल बिजली खपत का 52% अब रिन्यूएबल सोर्स से आ रहा है। साथ ही, कंपनी ने Sachin फैसिलिटी में 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) पर अपना फोकस बनाए रखा है, जिससे लॉन्ग-टर्म रेगुलेटरी रिस्क कम होते हैं।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भविष्य की राह
कंपनी ने EcoVadis प्लैटिनम मेडल हासिल किया है और एक डेडिकेटेड बोर्ड-लेवल ESG कमेटी बनाई है। CSR गतिविधियों के लिए कंपनी ने ₹2.95 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जो शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च किया जा रहा है।
हालांकि कंपनी ने 1.7 करोड़ kWh ग्रीन एनर्जी जेनरेट की है, लेकिन निवेशकों को अब अगले 18 महीनों में आने वाले साइंस-बेस्ड एमिशन टारगेट्स (science-based emission targets) पर नजर रखनी चाहिए, जो कंपनी की भविष्य की दिशा तय करेंगे।
