Aarti Surfactants के FY26 नतीजों में टॉप-लाइन ग्रोथ तो शानदार रही, लेकिन बढ़ती लागत के दबाव में कंपनी का नेट प्रॉफिट **15.41%** गिरकर **₹12.68 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
Aarti Surfactants Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने सालाना आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 30.35% बढ़कर ₹859.13 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹659.09 करोड़ था। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है और नेट प्रॉफिट 15.41% गिरकर ₹12.68 करोड़ पर आ गया है। इस दौरान नेट प्रॉफिट मार्जिन 2.27% से घटकर 1.48% रह गया है।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कच्चे माल (Raw Materials) और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी अस्थिरता ने कंपनी की मार्जिन को प्रभावित किया है। खास तौर पर फैटी एसिड्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावटों से कंपनी के EBITDA मार्जिन में 205 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जो अब 5.51% रह गई है।
कॉरपोरेट फैसले और डिविडेंड
नतीजों के साथ बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹1 प्रति शेयर (10%) के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने नेतृत्व में भी निरंतरता बनाए रखने का फैसला किया है। निखिल पी. देसाई को CEO और MD के पद पर, और संतोष एम. काकड़े को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। साथ ही, भविष्य के ऑपरेशंस के लिए कंपनी ने उधारी की सीमा को बढ़ाकर ₹350 करोड़ करने की मंजूरी दी है।
आगे की राह
निवेशकों को अब कंपनी के आरएंडडी (R&D) में निवेश और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन पर नजर रखनी होगी। बाजार यह भी देखेगा कि कंपनी अपनी बढ़ी हुई उधारी क्षमता का उपयोग ऑपरेशनल मार्जिन सुधारने के लिए किस तरह करती है।
