Aarti Surfactants ने FY26 के नतीजों में **30%** की जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹859.13 करोड़** का कारोबार किया है, हालांकि बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट **15%** घटकर **₹12.68 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी ने अपनी 8वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बताया कि टॉप-लाइन प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर पानी फेर दिया। कंपनी के कुल खर्चों में 30% का इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन्स पर पड़ा है। EBITDA मार्जिन जो FY25 में 7.56% था, वह गिरकर FY26 में 5.51% पर आ गया है।
राहत की खबर: क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड
नतीजों में कमजोरी के बीच निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत यह है कि सितंबर 2026 में CRISIL Ratings ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज को अपग्रेड कर CRISIL A- (Stable) कर दिया है, जो पहले CARE BBB+ थी।
कारोबार और भविष्य की राह
फिलहाल, कंपनी अपनी दो प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों (पीथमपुर और सिलवासा) के जरिए 50 से ज्यादा प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रही है। कंपनी का 82% रेवेन्यू घरेलू बाजार से आता है, जबकि बाकी 18% हिस्सा अफ्रीका, एशिया, यूरोप और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है।
आगे चलकर बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने बढ़ते इनपुट कॉस्ट को कैसे नियंत्रित करती है और 2025 में स्थापित हुए R&D सेंटर के जरिए मार्जिन को सुधारने में कितनी सफल होती है।
