ARCL Organics ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **58%** गिरकर **₹5.19 करोड़** रह गया है। हालांकि, यह गिरावट पुरानी टैक्स और कस्टम्स देनदारियों के निपटारे के चलते हुई है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी के 34वें एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5.19 करोड़ रहा है, जबकि पिछले साल यह ₹12.33 करोड़ था। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह करीब ₹6 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट चार्ज है, जो इनकम टैक्स और कस्टम्स से जुड़े पुराने विवादों को सुलझाने में खर्च हुआ है। अगर इन खर्चों को हटा दें, तो कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट ₹17.41 करोड़ आता है, जो सालाना आधार पर 41.2% की शानदार ग्रोथ है।
सफाई की ओर मैनेजमेंट के कदम
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए लंबे समय से चले आ रहे विवादों का निपटारा किया है:
- विवाद से विश्वास 2.0 स्कीम के जरिए 1988-1998 के इनकम टैक्स बकाये का निपटारा किया गया।
- कस्टम्स के ₹5.10 करोड़ के बकाये के लिए ₹2.74 करोड़ का भुगतान तुरंत कर दिया गया है, बाकी राशि अगले दो सालों में दी जाएगी।
- कलकत्ता हाई कोर्ट में चल रही म्यूनिसिपल टैक्स की कानूनी लड़ाई भी अब खत्म हो गई है।
ऑपरेशन्स और भविष्य की राह
ARCL Organics ने गांधीनगर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खरीदी है, जिससे कंपनी की क्षमता में काफी इजाफा हुआ है। कंपनी अब 49,500 TPA फॉर्मलडिहाइड और 60,000 TPA रेजिन तैयार करने की क्षमता रखती है। इसके अलावा, कंपनी फीड एडिटिव्स और पेपर पैकेजिंग जैसे नए सेक्टर्स में भी कदम रख रही है। राहत की बात यह है कि कंपनी का एनुअल एक्सपोर्ट ₹100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग 19 सितंबर, 2026 को होनी है। चेयरमैन सूरज रतन मुंधड़ा सहित अन्य डायरेक्टर्स के वेतन का प्रस्ताव भी रखा गया है। निवेशकों को आने वाले समय में गांधीनगर यूनिट के एकीकरण और वहां के उत्पादन क्षमता पर नजर रखनी होगी, जो कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
