दिग्गज स्टील कंपनी के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने Q2 में **₹31,998 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया, लेकिन EBITDA अनुमान से काफी कम **₹4,216 करोड़** रहा। कंपनी ने FY27 के लिए सेल्स गाइडेंस को घटाकर **21 MT** कर दिया है, जिसके बाद ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस घटाकर **₹172** तय किया है।
नतीजों का विश्लेषण
कंपनी ने सालाना आधार पर 20% रेवेन्यू ग्रोथ तो दिखाई है, लेकिन मुनाफा बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। तिमाही दर तिमाही आधार पर EBITDA में 5% की गिरावट आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोकंग कोल (Coking Coal) की बढ़ती लागत रही, जो Q2 में ₹22,930 प्रति टन तक पहुंच गई थी।
क्यों दबाव में है कंपनी?
कंपनी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। Q3 में कोकंग कोल की कीमत में ₹1,000 प्रति टन की और बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। इसके अलावा, कंपनी का ₹1.2 लाख करोड़ का बड़ा केपेक्स (Capex) प्लान और बढ़ती कर्ज की स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। कैपेसिटी को 20 MTPA से बढ़ाकर 35 MTPA तक ले जाने के लिए कंपनी पर फाइनेंशियल बोझ बढ़ना तय है।
आगे क्या होगा?
कंपनी अपनी वर्कफोर्स को भी 48,000 से घटाकर 46,000 करने की तैयारी कर रही है ताकि लागत को कम किया जा सके। FY28 से कंपनी का सालाना खर्च करीब ₹20,000 करोड़ के स्तर पर होगा, इसलिए आने वाले समय में कंपनी के इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) पर पैनी नजर रखना जरूरी होगा।
