Pricol ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **35%** का उछाल दर्ज किया है। टू-व्हीलर सेगमेंट की मजबूत मांग और नए ऑर्डर्स के दम पर कंपनी अब **₹350 करोड़** का निवेश कर अपनी क्षमता बढ़ा रही है।
मुनाफे की रफ्तार और वित्तीय आंकड़े
Pricol ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट सेल्स 34.7% बढ़कर ₹1,356 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, EBITDA 29.3% की बढ़त के साथ ₹153 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का एडजेस्टेड नेट प्रॉफिट 33.2% बढ़कर ₹85 करोड़ रहा, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) ₹7 तक पहुंच गई है।
सफलता के पीछे की कहानी
कंपनी ने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की 20% की ग्रोथ रेट को पीछे छोड़ते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसका मुख्य कारण घरेलू टू-व्हीलर सेगमेंट में 35% की जबरदस्त मांग है। कंपनी को Honda Motorcycles से नए ऑर्डर्स मिले हैं, साथ ही TVS, Ather Energy और Royal Enfield जैसे पुराने ग्राहकों के साथ भी पार्टनरशिप मजबूती से आगे बढ़ रही है।
भविष्य की रणनीति: डीमर्जर और एक्सपेंशन
Pricol फिलहाल बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। कंपनी अपने बिजनेस को दो अलग डिवीजनों में बांट रही है—'ड्राइवर इंफॉर्मेशन एंड कनेक्टेड व्हीकल सॉल्यूशंस' और 'एसेट मैनेजमेंट एंड कंट्रोल फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम'। यह डीमर्जर 1 अप्रैल 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी अपनी प्लास्टिक डिवीजन में अगले 6 तिमाहियों के लिए ₹350 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान कर रही है, ताकि उत्पादन की अड़चनों को दूर किया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
महंगाई का असर मार्जिन पर भी दिखा है। PCB की कीमतों, मेमोरी चिप्स और विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी के मार्जिन में 1-2% का दबाव देखा गया है। हालांकि मैनेजमेंट OEMs के साथ कीमत बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहा है, लेकिन लागत का पूरा बोझ ग्राहक पर डालना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
