NALCO ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **₹5,419 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है। सेल्स वॉल्यूम में बढ़ोतरी के बावजूद बढ़ती इनपुट कॉस्ट का असर मार्जिन पर दिखा है। नतीजों के बाद Axis Securities ने 'Buy' रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन शेयर का टारगेट घटाकर **₹355** कर दिया है।
मुनाफे पर लागत का दबाव
कंपनी ने Q2 FY27 के लिए ₹5,419 करोड़ का दमदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 26% ज्यादा है। मेटल सेल्स वॉल्यूम में 6% की बढ़त के साथ कंपनी 119 Kt तक पहुंच गई है, जिससे ब्रोकरेज के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, EBITDA ₹2,411 करोड़ पर रहा, जो अनुमानों से 2% कम है। मार्जिन में 100 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट के साथ यह 44% पर सिमट गया है।
मार्जिन क्यों घटे?
कंपनी के मुनाफे पर दबाव की बड़ी वजह बढ़ती लागत है। पावर और फ्यूल खर्च में 45% और कच्चे माल के खर्च में 43% की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन्ही चिंताओं के कारण Axis Securities ने FY28 के लिए EBITDA अनुमानों में 7% की कटौती कर दी है। ग्लोबल लेवल पर एल्युमिनियम की कीमतों में नरमी और संभावित महंगाई भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर बना हुआ है।
आगे की राह (Operational Outlook)
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि 5th-स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी का काम पूरा होने के करीब है। दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक इसमें प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, उत्कल-डी कोल ब्लॉक से 2 MT कोयले का उत्पादन होने से कंपनी की महंगे ई-ऑक्शन कोयले पर निर्भरता कम हो रही है। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के अंगुल और आंध्र प्रदेश में चल रहे बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
