Kirloskar Brothers (KBL) ने Q2FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **24%** बढ़कर **₹1,277 करोड़** रहा है, जबकि मजबूत ऑर्डर बुक **₹4,628 करोड़** पर पहुंच गई है। हालांकि, मार्जिन दबाव के कारण नेट प्रॉफिट ग्रोथ **4%** पर सीमित रही।
रेवेन्यू में दमदार तेजी, प्रॉफिट पर लगा ब्रेक
Kirloskar Brothers (KBL) के लिए चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही मिली-जुली रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर ₹1,277 करोड़ दर्ज किया गया, जो एनालिस्ट्स के अनुमान से 9% ज्यादा है। लेकिन, दूसरी ओर नेट प्रॉफिट में केवल 4% की बढ़त दिखी और यह ₹74 करोड़ पर रहा। इसका मुख्य कारण 9.7% पर रही EBITDA मार्जिन है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 81 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे बढ़ती कर्मचारी लागत और इनपुट इन्फ्लेशन का बड़ा हाथ है।
ऑर्डर बुक बनी ताकत
कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती उसकी ऑर्डर बुक है, जो 30% सालाना उछाल के साथ ₹4,628 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि ऑर्डर किसी एक प्रोजेक्ट पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि इरिगेशन, पावर, ऑयल एंड गैस, और मरीन डिफेंस जैसे अलग-अलग सेक्टरों से आ रहे हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि FY27 में कंपनी डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखेगी।
आगे क्या उम्मीदें?
कंपनी का बड़ा हिस्सा अभी भी वर्क-इन-प्रोग्रेस (WIP) इन्वेंट्री में फंसा है, जिसके Q3 और Q4 तक क्लियर होने की उम्मीद है। साथ ही, UK के वॉटर यूटिलिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में आई देरी के कारण रेवेन्यू रिकग्निशन में चुनौती आई थी, जो अब H2FY27 में रफ्तार पकड़ सकती है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को रॉ मटेरियल (तांबा, गनमेटल और स्टील) की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इन लागतों का असर सीधे कंपनी के मार्जिन पर पड़ रहा है। आने वाले समय में डेटा सेंटर्स और न्यूक्लियर पावर सेगमेंट से मिलने वाले ऑर्डर्स कंपनी की ग्रोथ के लिए अहम साबित होंगे। ब्रोकरेज फर्म्स ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,100 का टारगेट प्राइस सेट किया है।
