KPIT Technologies के लिए दूसरी तिमाही का नतीजा काफी दबाव वाला रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **28.6%** गिरकर **₹121 करोड़** पर आ गया है, जिसके चलते ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाकर **₹590** कर दिया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट और मार्जिन का दबाव
KPIT Technologies के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी ने Q2FY27 में ₹121 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 28.6% कम है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹1,691 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफा घटने की मुख्य वजह मार्जिन में आई गिरावट है। कंपनी का EBIT मार्जिन पिछले साल के 15.4% से गिरकर इस बार 11.6% पर आ गया है।
क्यों घटे दाम?
कंपनी के पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में दो प्रमुख क्लाइंट्स द्वारा बजट कटौती और प्रोजेक्ट्स रद्द किए जाने का सीधा असर मुनाफे पर दिखा है। हालांकि, ऑफ-हाईवे और 'सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मशीन' बिजनेस में 27% की अच्छी ग्रोथ देखी गई है, लेकिन यह कंपनी के कुल प्रदर्शन में आ रहे दबाव को पूरी तरह ढंक नहीं पाई।
भविष्य की राह और मैनेजमेंट का नजरिया
मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही (H2FY27) के लिए उम्मीदें बरकरार रखी हैं। कंपनी का मानना है कि Q4FY27 से क्लाइंट प्रोग्राम्स के स्टेबल होने के साथ ग्रोथ फिर से रफ्तार पकड़ेगी। कंपनी अब मार्जिन सुधारने के लिए फिक्स्ड-प्राइस प्रोजेक्ट्स और एआई (AI) टूल्स के इस्तेमाल पर जोर दे रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी ने इस तिमाही में US$213 मिलियन का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल किया है, जो पिछली तिमाही के US$257 मिलियन से कम है। निवेशकों को आने वाले समय में मुख्य क्लाइंट्स के खर्चों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वेज हाइक (वेतन वृद्धि) और आरएंडडी (R&D) का बढ़ता खर्च कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
