JK Lakshmi Cement ने अपने Q2FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जो उम्मीदों से कम रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट **75%** गिरकर **₹21 करोड़** पर आ गया है। कमजोर नतीजों के बावजूद Axis Securities ने स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर **₹660** कर दिया है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के हालिया नतीजों पर नजर डालें तो नेट सेल्स में 6% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹1,617 करोड़ रही। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा है। EBITDA में 26% की गिरावट आई है और यह ₹154 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 405 बेसिस पॉइंट्स घटकर 9.5% पर सिमट गया।
ब्रोकरेज का नजरिया और टारगेट प्राइस
Q2 के कमजोर प्रदर्शन के बाद, Axis Securities ने FY27 और FY28 के लिए अपने अनुमानों को नीचे की ओर संशोधित किया है। पहले जो टारगेट प्राइस ₹730 था, उसे घटाकर अब ₹660 कर दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि शॉर्ट टर्म में मार्जिन पर दबाव जरूर है, लेकिन कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ प्लान पर भरोसा कायम है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में 5% की बढ़त हुई है और यह 2.99 mtpa तक पहुंचा है। लेकिन इनपुट लागत में बढ़ोतरी ने सारा खेल बिगाड़ दिया। प्रति टन इनपुट कॉस्ट 5% बढ़कर ₹4,904 हो गई, जिसका सीधा असर प्रति टन EBITDA पर पड़ा, जो 29% गिरकर ₹517 पर आ गया। इसका मुख्य कारण बिजली और ईंधन की ऊंची कीमतें हैं।
मैनेजमेंट की आगे की रणनीति
मैनेजमेंट अब EBITDA प्रति टन को वापस ₹700 से ऊपर ले जाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके लिए तीन मुख्य रणनीति अपनाई जा रही हैं:
- ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार।
- रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग बढ़ाना।
- प्रीमियम सीमेंट का योगदान मौजूदा 27% से बढ़ाकर 30% तक ले जाना।
साथ ही, कंपनी ने FY27 के लिए ₹1,500 करोड़ का Capex प्लान रखा है, जिसमें दुर्ग प्रोजेक्ट पर बड़ा निवेश किया जाएगा। निवेशकों को कोल और पेटकोक की कीमतों में उतार-चढ़ाव और क्षमता विस्तार की समयसीमा पर नजर रखनी होगी।
