Man Infraconstruction ने Q2FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **57%** की उछाल दर्ज की है। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और मुंबई में पाइपलाइन को देखते हुए Axis Securities ने इसे 'Buy' रेटिंग दी है और **₹135** का टारगेट प्राइस तय किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार मजबूती दिखाई है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹266 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 57% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹65 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन 30.3% पर स्थिर है, जो ऑपरेशनल दक्षता को दर्शाता है।
मजबूती की मुख्य वजह
MICL की फाइनेंशियल सेहत काफी मजबूत है। कंपनी के पास ₹698 करोड़ का कैश और कैश इक्विवेलेंट मौजूद है, जबकि कर्ज केवल ₹48.1 करोड़ है। यह इसे 'नेट-डेट-फ्री' कंपनी की श्रेणी में रखता है। यह वित्तीय स्थिरता मुंबई में नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
पाइपलाइन और आगे की राह
कंपनी ने मुंबई के रीडेवलपमेंट सेक्टर पर बड़ा दांव लगाया है। इसमें ₹6,000 करोड़ से ज्यादा के जीडीवी (GDV) वाला मरीन लाइन्स प्रोजेक्ट, ₹2,000 करोड़ का तारदेव 2.0 और बांद्रा वेस्ट का त्रिशूल प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य FY27-FY28 के दौरान ₹5,000 करोड़ से अधिक की प्री-सेल्स हासिल करना है।
क्या हैं रिस्क?
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का बड़ा कारोबार रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है, जिसमें सरकारी अप्रूवल मिलने में देरी का जोखिम हमेशा बना रहता है। साथ ही, मुंबई रियल एस्टेट मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिमांड में सुस्ती भी सेल्स मोमेंटम को प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों के लिए अपडेट
कंपनी के आने वाले प्रोजेक्ट्स जैसे 'आराध्या पार्कवुड' और 'आराध्या वन पार्क' का समय पर पूरा होना स्टॉक के लिए मुख्य कैटलिस्ट होगा। इसके अलावा, कंपनी का शेयर बायबैक भी चर्चा में है, जो 28 अक्टूबर 2026 तक 75.2% पूरा हो चुका था।
