Yes Bank: नतीजों में दिखा शानदार मुनाफा, लेकिन AT1 बॉन्ड विवाद ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Yes Bank: नतीजों में दिखा शानदार मुनाफा, लेकिन AT1 बॉन्ड विवाद ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

Yes Bank ने सितंबर तिमाही में **₹1,084.08 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के **₹8,415 करोड़** के AT1 बॉन्ड राइट-डाउन फैसले के बाद बैंक पर ऑडिट क्वालिफिकेशन की बड़ी तलवार लटक गई है।

मुनाफे के पीछे का सच

यस बैंक ने सितंबर तिमाही के अपने रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹664.31 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹1,084.08 करोड़ पर पहुंच गया है। बैंक की कुल इनकम भी पिछले साल के ₹9,113.13 करोड़ से बढ़कर ₹10,601.99 करोड़ हो गई है। लेकिन, इस चमक-धमक वाली रिपोर्ट पर ऑडिटर्स ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्यों है ऑडिट क्वालिफिकेशन?

बैंक के जॉइंट स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने नतीजों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। इसकी मुख्य वजह 15 अक्टूबर 2026 का सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला है, जिसमें बैंक के 2020 के ₹8,415 करोड़ के AT1 बॉन्ड राइट-डाउन को पलटने के आदेश दिए गए हैं। ऑडिटर्स का साफ कहना है कि मौजूदा फाइनेंशियल रिजल्ट्स में इस फैसले का असर नहीं दिखाया गया है, जो कि गंभीर है।

क्या होगा अगर यह असर गिना जाए?

बैंक ने खुद प्रोफॉर्मा डेटा शेयर कर यह संकेत दिया है कि अगर यह दायित्व (Liability) नतीजों में शामिल किया जाता, तो ₹1,084 करोड़ का मुनाफा सीधे ₹5,213 करोड़ के बड़े नुकसान में बदल जाता। इतना ही नहीं, बैंक का एनुअलाइज्ड रिटर्न ऑन एसेट्स 0.9% के पॉजिटिव लेवल से फिसलकर 4.3% के नेगेटिव लेवल पर चला जाता।

एसेट क्वालिटी और आगे की राह

फिलहाल बैंक का Basel III कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 14.6% पर बना हुआ है। ग्रॉस NPA 1.2% (यानी ₹3,875.23 करोड़) और नेट NPA 0.2% (₹757.05 करोड़) पर स्थिर है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बैंक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए अपनी अकाउंटिंग में क्या बदलाव करता है और इसका बैंक के कैपिटल पर क्या असर पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.