Yes Bank: सुप्रीम कोर्ट के AT1 फैसले के बाद Moody's का बड़ा कदम, रेटिंग बरकरार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Yes Bank: सुप्रीम कोर्ट के AT1 फैसले के बाद Moody's का बड़ा कदम, रेटिंग बरकरार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा AT1 सिक्योरिटीज को फिर से बहाल करने के फैसले के बाद, रेटिंग एजेंसी Moody's ने Yes Bank की लॉन्ग-टर्म डिपॉजिट रेटिंग को 'Ba1' पर बरकरार रखा है और आउटलुक 'स्टेबल' बना हुआ है।

रेटिंग पर क्या असर?

Moody's Ratings ने Yes Bank की स्थिति पर भरोसा जताते हुए इसे Ba1 की लॉन्ग-टर्म रेटिंग दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें 2020 में राइट-डाउन की गई AT1 सिक्योरिटीज को बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

CET1 रेश्यो पर दबाव

इस फैसले के चलते बैंक के प्रो-फॉर्मा CET1 रेश्यो में गिरावट देखने को मिलेगी, जो पहले 13.7% था, अब वह घटकर 11.4% (सितंबर 2026 तक) रहने का अनुमान है। इस कमी को पूरा करने के लिए Moody's को उम्मीद है कि बैंक जल्द ही नया इक्विटी कैपिटल जुटाने की योजना पर काम शुरू करेगा ताकि भविष्य की ग्रोथ को रफ्तार दी जा सके।

बैंक की परफॉरमेंस की झलक

रेगुलेटरी बदलावों के बावजूद बैंक के ऑपरेशंस में सुधार दिख रहा है:

  • एसेट क्वालिटी: ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग लोन (NPL) रेश्यो सुधरकर 1.2% पर आ गया है।
  • मुनाफा: नेट इनकम टू टेंजिबल एसेट्स 0.8% तक पहुंच गई है, जो पहले 0.7% थी।
  • लिक्विडिटी: हाई-क्वालिटी लिक्विड एसेट्स बैंक के टेंजिबल एसेट्स का 17.9% हिस्सा है।

आगे क्या है जोखिम?

Moody's ने चेतावनी दी है कि यदि बैंक का TCE/RWA रेश्यो बिना किसी ठोस कैपिटल रेजिंग प्लान के 11% से नीचे आता है, तो रेटिंग को डाउनग्रेड किया जा सकता है। निवेशकों को अब बैंक की तरफ से इक्विटी फंड जुटाने वाली घोषणाओं पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.