Yes Bank ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **65%** का उछाल दर्ज किया है और कंपनी का मुनाफा **₹1,080 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के AT-1 बॉन्ड फैसले के कारण बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी पर असर पड़ने की आशंका है।
मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Yes Bank ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 65% बढ़कर ₹1,080 करोड़ रहा। बैंक की कुल एसेट्स अब ₹5 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गई हैं, जबकि एडवांसेज ₹3 लाख करोड़ के स्तर से आगे निकल गए हैं। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 22.7% के उछाल के साथ ₹2,822 करोड़ रही, हालांकि लिक्विडिटी मैनेजमेंट के चलते नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 2.6% पर स्थिर रहा।
कोर्ट के फैसले का असर
बैंक की राह में सबसे बड़ी चुनौती सुप्रीम कोर्ट का 15 अक्टूबर, 2026 का फैसला है। कोर्ट ने मार्च 2020 में हुए ₹8,415 करोड़ के AT-1 बॉन्ड राइट-डाउन को रद्द करने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इस कानूनी पेंच के कारण बैंक को कूपन भुगतान की देनदारियां चुकानी पड़ सकती हैं, जिससे बैंक के CET-1 रेशियो पर 240 बेसिस पॉइंट्स (bps) का दबाव पड़ने का अनुमान है। यह रेशियो वर्तमान 13.7% से गिरकर लगभग 11.4% रह सकता है।
एसेट क्वालिटी और भविष्य की राह
कानूनी झटकों के बावजूद बैंक का एसेट क्वालिटी प्रोफाइल काफी मजबूत बना हुआ है। बैंक का ग्रॉस NPA 1.2% और नेट NPA 0.2% पर रहा है। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी यह देखना होगा कि बैंक कैपिटल बफर को बनाए रखने के लिए क्या रणनीति अपनाता है। बैंक के मैनेजमेंट ने भविष्य में कैपिटल जुटाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है, जिससे आने वाले समय में नए फंड रेजिंग प्लान देखने को मिल सकते हैं।
