Yes Bank ने Q1 FY27 के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के लोन **18.4%** सालाना बढ़े हैं, लेकिन डिपॉजिट्स में **1.1%** की तिमाही गिरावट देखी गई है।
Yes Bank के Q1 FY27 नतीजे: लोन में दमदार उछाल, पर डिपॉजिट्स पर दबाव
Yes Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने प्रोविजनल बिजनेस मैट्रिक्स जारी किए हैं। बैंक ने क्रेडिट में मजबूत विस्तार दर्ज किया है, लेकिन डिपॉजिट जुटाने में थोड़ी नरमी दिखी है।
लोन में 18.4% की सालाना ग्रोथ
बैंक के लोन और एडवांसेज 18.4% सालाना बढ़कर ₹285,315 करोड़ पर पहुंच गए। वहीं, तिमाही आधार पर इसमें 4.3% की बढ़ोतरी हुई।
डिपॉजिट्स में 1.1% की गिरावट
कुल डिपॉजिट्स 14.3% सालाना बढ़कर ₹315,397 करोड़ रहे, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 1.1% की गिरावट आई। खासकर, CASA डिपॉजिट्स (लो-कॉस्ट फंडिंग का अहम इंडिकेटर) में 7.8% की तिमाही गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर ₹103,258 करोड़ रह गए।
इसके चलते, CASA रेशियो (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स सहित) घटकर 32.7% हो गया, जो पिछली तिमाही में 35.1% था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
लोन में मजबूत ग्रोथ यह दर्शाती है कि बैंक के पास क्रेडिट की अच्छी मांग है और वह अपनी एसेट बेस को बढ़ाने में सक्षम है। हालांकि, डिपॉजिट्स, खासकर CASA में आई गिरावट, बैंक की कॉस्ट ऑफ फंड को बढ़ा सकती है। क्रेडिट टू डिपॉजिट रेशियो बढ़कर 90.5% हो गया है, जो डिपॉजिट्स की तुलना में अधिक आक्रामक लेंडिंग का संकेत देता है।
अच्छी खबर यह है कि लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 138.5% तक सुधर गया है, जो पिछली तिमाही के 119.0% से काफी बेहतर है। यह बैंक की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी पोजीशन को मजबूत दर्शाता है।
बैंक का टर्नअराउंड प्लान
Yes Bank पिछले कुछ सालों की चुनौतियों के बाद अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने, एसेट क्वालिटी सुधारने और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। लोन और डिपॉजिट्स की ग्रोथ उसके रिकवरी और मार्केट में पकड़ बनाने के महत्वपूर्ण इंडिकेटर हैं।
आगे क्या?
ये प्रोविजनल नंबर्स तिमाही प्रदर्शन की शुरुआती झलक देते हैं। निवेशक और एनालिस्ट फाइनल ऑडिटेड नतीजों का इंतजार करेंगे। डिपॉजिट्स का ट्रेंड और एसेट क्वालिटी आगे की दिशा तय करेंगे।
जोखिमों पर नजर
मुख्य जोखिम डिपॉजिट्स और CASA में आई तिमाही गिरावट है, जो अगर बनी रही तो नेट इंटरेस्ट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों को अगले क्वार्टर में बैंक की डिपॉजिट्स आकर्षित करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
