Williamson Magor & Company ने FY26 में **₹1.25 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के **₹181.39 करोड़** के मुकाबले कम जरूर है, लेकिन कंपनी के लिए खतरा बरकरार है।
फाइनेंशियल संकट का गहरा साया
कंपनी के नतीजों में घाटा सिमटकर ₹1.25 करोड़ पर आ गया है, लेकिन ऑडिटर्स ने इसे लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। ऑडिट रिपोर्ट में कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर्स द्वारा ₹126.51 करोड़ के डेफर्ड टैक्स एसेट्स (Deferred Tax Assets) पर उठाए गए सवाल हैं, जिसे लेकर उचित स्पष्टता नहीं है।
कानूनी और रेगुलेटरी जंजाल
कंपनी के लिए मुश्किलें सिर्फ बैलेंस शीट तक सीमित नहीं हैं:
- NBFC लाइसेंस: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कंपनी का NBFC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है। फिलहाल यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है।
- भारी देनदारियां: आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने कंपनी को Real Touch Finance Limited और IDBI Trusteeship Services को ₹508.96 करोड़ चुकाने का आदेश दिया है, जिसे कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी ने अपने कई डायरेक्टर्स को डिफॉल्ट्स के कारण खो दिया है। फिलहाल मैनेजमेंट का सारा फोकस एसेट रिकवरी और बैंकों के साथ वन-टाइम सेटलमेंट पर है ताकि पूरी तरह डूबने से बचा जा सके। निवेशकों को इस स्टॉक से फिलहाल भारी जोखिम की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी के ऑपरेशनल रिकवरी के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
