Williamson Financial Services के लिए मुसीबतें खत्म नहीं हो रही हैं। RBI ने कंपनी का NBFC रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। कंपनी ने **₹4.42 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है और ऑडिटर ने इसकी भविष्य की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
लाइसेंस रद्द होने से गहराया संकट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 22 जून, 2026 को Williamson Financial Services का NBFC के तौर पर काम करने का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद कंपनी अब कानूनी रास्ते से अपना लाइसेंस बहाल कराने की कोशिश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है, जिसमें उसे ₹4.42 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹4.45 करोड़ था।
ऑडिटर की चेतावनी
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर V. Singhi & Associates ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर ने आगाह किया है कि:
- इंटर-कॉर्पोरेट लोन पर करीब ₹3.50 करोड़ के ब्याज खर्च को नहीं दिखाया गया है।
- डाउटफुल लोन के लिए ₹14.65 करोड़ का कोई प्रोविजन नहीं किया गया है।
- कर्ज न चुका पाने और गिरती हुई आर्थिक सेहत के कारण कंपनी के भविष्य पर 'मटेरियल अनिश्चितता' बनी हुई है।
कानूनी पचड़ों में कंपनी
कंपनी कई कानूनी मोर्चों पर जूझ रही है। Tata Capital ने कंपनी के खिलाफ ₹33 करोड़ की रिकवरी का कोर्ट डिक्री हासिल कर लिया है, जिसे कंपनी चुनौती देने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, Aditya Birla Finance Limited और Real Touch Finance Limited जैसे लेंडर्स के साथ भी कंपनी का सेटलमेंट विवादों में फंसा हुआ है। अब सभी की नजरें RBI में दायर होने वाली अपील पर टिकी हैं, जो कंपनी के अस्तित्व के लिए आखिरी उम्मीद मानी जा रही है।
