ऑडिट रिपोर्ट में क्यों आई दिक्कत?
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने ₹0.98 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। मगर, ऑडिटर GUPTA RAJ & CO. ने एक 'Qualified Opinion' जारी किया है, जो कुछ गंभीर चिंताओं की ओर इशारा करता है।
क्या है ₹2.02 करोड़ का मामला?
ऑडिटर की मुख्य चिंता ₹2.02 करोड़ के एक संदिग्ध लोन के लिए प्रोविजन (प्रावधान) न करना है। अगर कंपनी इस राशि को प्रोविजन करती, तो रिपोर्ट किया गया ₹0.98 करोड़ का मुनाफा असल में ₹0.57 करोड़ के घाटे में बदल जाता। इसके अलावा, कंपनी ने अवैतनिक लाभांश (unpaid dividends) को निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष (IEPF) में ट्रांसफर नहीं किया है, जो नियामक नियमों का उल्लंघन है।
लोन की कहानी और पुरानी लापरवाही
यह ₹2.02 करोड़ का लोन Future Farms LLP को दिया गया था, जिसमें White Organic Agro की पहले 75% हिस्सेदारी थी। यह रकम साल 2021 से बकाया है। वहीं, अवैतनिक लाभांश का मामला वित्तीय वर्ष 1997-98 से जुड़ा है, जो कंपनी की पुरानी रिकॉर्ड-कीपिंग और अनुपालन (compliance) की समस्याओं को दर्शाता है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी से इस लोन को प्रोविजन क्यों नहीं किया गया और इसे वसूलने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस पर स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा। कंपनी का कहना है कि यह लोन रिकवर किया जा सकता है। IEPF के मामले में, कंपनी रिकॉर्ड को फिर से बनाने का काम कर रही है।
जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
सबसे बड़ा जोखिम ₹2.02 करोड़ के इस लोन के राइट-ऑफ (write-off) होने का है, जिसका सीधा असर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ेगा। 'Qualified Opinion' से निवेशकों का भरोसा कम हो सकता है और कंपनी की लोन लेने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, पुराने लाभांश को IEPF में ट्रांसफर न करने पर कंपनी पर जुर्माना भी लग सकता है।
वित्तीय आंकड़े (FY2026)
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू: ₹13.26 करोड़
- रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट: ₹0.98 करोड़
- ऑपरेटिंग एक्टिविटी से नेट कैश: ₹-3.66 करोड़
- कुल संपत्ति (31 मार्च 2026 तक): ₹67.38 करोड़
