Wealth First Portfolio Managers Ltd ने FY26 के शानदार नतीजे और डिविडेंड का किया ऐलान
Wealth First Portfolio Managers Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹33.71 करोड़ (3,370.63 लाख) की तुलना में 19.3% बढ़कर ₹40.23 करोड़ (4,022.98 लाख) हो गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 6.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹34.15 करोड़ (3,414.51 लाख) से बढ़कर ₹36.28 करोड़ (3,628.34 लाख) हो गया है।
निवेशकों को क्या मिला?
कंपनी के इस दमदार प्रदर्शन के पीछे रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी का बड़ा हाथ है। नतीजों के साथ, कंपनी ने 10% यानी ₹1.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹12 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। ऑडिटर की तरफ से मिली हरी झंडी निवेशकों का भरोसा और बढ़ाती है।
क्यों है यह अहम?
प्रॉफिट में यह जोरदार उछाल कंपनी की बेहतरीन ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में मजबूत पकड़ को दिखाता है। शेयरहोल्डर्स को सीधे डिविडेंड का फायदा मिलेगा, जबकि शेयर कैपिटल बढ़ाने से कंपनी को भविष्य में विस्तार या किसी नई स्ट्रैटेजी के लिए वित्तीय मजबूती मिलेगी।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा। ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी के लिए भी शेयरहोल्डर्स की सहमति जरूरी होगी, लेकिन यह भविष्य की प्लानिंग का संकेत है। कंपनी ने एक इन्वेस्टमेंट कमेटी का भी गठन किया है, जो कैपिटल एलोकेशन के फैसलों को और तेज कर सकती है।
जोखिम पर नजर
हालांकि नतीजे सकारात्मक हैं, पर निवेशकों को शेयर कैपिटल बढ़ाने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और नई इन्वेस्टमेंट कमेटी के कामकाज पर नजर रखनी चाहिए। रेवेन्यू ग्रोथ के लिए मार्केट की कंडीशन पर निर्भरता एक स्वाभाविक जोखिम है।
मुख्य आंकड़े:
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू FY26: ₹63.40 करोड़ (FY25 के ₹52.05 करोड़ से 21.8% ज्यादा)
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट FY26: ₹40.23 करोड़ (FY25 के ₹33.71 करोड़ से 19.3% ज्यादा)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY26: ₹66.37 करोड़ (FY25 के ₹53.16 करोड़ से 24.8% ज्यादा)
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26: ₹36.28 करोड़ (FY25 के ₹34.15 करोड़ से 6.2% ज्यादा)
- डिविडेंड: 10% (₹1.00 प्रति शेयर)
- ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी: ₹11 करोड़ से ₹12 करोड़
