Wealth First के निवेशकों के लिए खुशखबरी! FY26 में रेवेन्यू **28.7%** बढ़कर ₹68.4 करोड़, मुनाफा **12.3%** चढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Wealth First के निवेशकों के लिए खुशखबरी! FY26 में रेवेन्यू **28.7%** बढ़कर ₹68.4 करोड़, मुनाफा **12.3%** चढ़ा
Overview

Wealth First Portfolio Managers ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **28.7%** बढ़कर **₹68.4 करोड़** रहा, जबकि मुनाफा **12.3%** बढ़कर **₹38.3 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी अब एसेट मैनेजमेंट और इंश्योरेंस ब्रोकिंग में नए वेंचर्स के साथ फी-बेस्ड मॉडल की ओर बढ़ रही है।

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Wealth First का दमदार प्रदर्शन: FY26 में रेवेन्यू ₹68.4 करोड़, मुनाफा ₹38.3 करोड़

Wealth First Portfolio Managers Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 28.7% बढ़कर ₹68.4 करोड़ हो गया। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 12.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹38.3 करोड़ पर पहुंच गया।

चौथी तिमाही में भी शानदार वापसी

FY26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर गौर करें तो कंपनी ने ₹16.5 करोड़ का रेवेन्यू और ₹10.5 करोड़ का PAT दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले एक बड़ी वापसी है, क्योंकि तब कंपनी को घाटा हुआ था।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

यह Wealth First के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है, क्योंकि कंपनी ट्रेडिंग-आधारित बिजनेस से हटकर एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म बनने की ओर अग्रसर है। नए एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) और इंश्योरेंस ब्रोकिंग बिजनेस की सफल शुरुआत के साथ मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, कंपनी के मॉडल को और अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कंपनी का बदला हुआ अंदाज

Earnings में अस्थिरता कम करने के लिए, Wealth First ने अपने इक्विटी ट्रेडिंग पोर्टफोलियो को पूरी तरह से जीरो कर दिया है। इसी के साथ, SEBI से Lakshya Asset Management Private Limited के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है और Wealthshield Insurance Brokers Private Limited के तहत डायरेक्ट इंश्योरेंस ब्रोकर के तौर पर काम शुरू हो गया है।

आगे क्या बदलेगा?

नए AMC और इंश्योरेंस ब्रोकिंग वर्टिकल्स के ऑपरेशनल होने से Wealth First को भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी ने अपने इंश्योरेंस सेगमेंट में 20-25% ग्रोथ का अनुमान लगाया है और अगले 12 महीनों में Lakshya AMC के तहत नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की योजना है। कंपनी की एसेट्स अंडर एडवाइजरी (AUA) ₹12,157 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पूरी तरह से नेट सेल्स से आया है।

जोखिम पर भी नजर

FY26 के लिए कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 29.9% रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि यह नए वर्टिकल्स को स्थापित करने के लिए एकमुश्त रणनीतिक लागत के कारण है। नए बिजनेस के बढ़ने के साथ 20-30% के टारगेट कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो को हासिल करना कंपनी के लिए अहम होगा। निवेशकों को नए AMC और इंश्योरेंस ऑफर्स की प्रॉफिटेबिलिटी और मार्केट में उनकी स्वीकार्यता पर नजर रखनी होगी।

क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को AMC और इंश्योरेंस बिजनेस से होने वाले रेवेन्यू, नए AMC प्रोडक्ट्स के लॉन्च की टाइमलाइन और उनके प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी के कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो को टारगेट लेवल तक लाने की प्रगति पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। Q4 FY26 के लिए ₹1 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया गया है, जबकि पूरे FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹13 प्रति शेयर रहा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.