Vivid Mercantile के फाइनेंशियल रिजल्ट्स बेहद शानदार रहे हैं, जहां कंपनी का मुनाफा **683%** बढ़कर **₹10.79 करोड़** पहुंच गया है। साथ ही कंपनी **1:2** के रेशियो में **₹5** प्रति शेयर के भाव पर राइट्स इश्यू लाएगी, लेकिन SEBI द्वारा **5 साल** का बैन निवेशकों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। रेवेन्यू ₹13.71 करोड़ से बढ़कर ₹46.91 करोड़ (242.17% की बढ़ोतरी) हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹1.38 करोड़ के मुकाबले उछलकर ₹10.79 करोड़ पर पहुंच गया है। अर्निंग पर शेयर (EPS) भी ₹0.14 से बढ़कर ₹1.08 हो गया है, जो कंपनी के ऑपरेशनल विस्तार को दिखाता है।
राइट्स इश्यू का गणित
वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी 5.01 करोड़ शेयर 1:2 के रेशियो में इश्यू करेगी, जिसकी कीमत ₹5 प्रति शेयर तय की गई है।
SEBI का डंडा और कानूनी पेंच
नंबर्स जितने चमकदार हैं, रेगुलेटरी मोर्चे पर स्थितियां उतनी ही पेचीदा हैं। 29 मई 2026 को SEBI ने कंपनी और उसके डायरेक्टर को 5 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया है। फिलहाल यह मामला सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में लंबित है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी है SAT की सुनवाई पर नजर रखना। भले ही कंपनी का बिजनेस और बैलेंस शीट मजबूत दिख रही हो, लेकिन मार्केट में काम करने पर लगी रोक का फैसला ही स्टॉक की भविष्य की दिशा तय करेगा। क्या SAT से कोई राहत मिलेगी? यही वो बड़ा सवाल है जिसका जवाब अभी बाकी है।
