Virtual Global Education ने Q1 FY27 में ₹7.01 लाख का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले क्वार्टर के घाटे से एक बड़ा सुधार है। लेकिन, कंपनी पर ऑडिटर की कड़ी टिप्पणी ने चिंता बढ़ा दी है, जिसमें पूर्व CFO पर धोखाधड़ी और बड़ी रकम के दस्तावेज़ गायब होने का जिक्र है।
मुनाफे के पीछे छिपी चिंताएं?
Virtual Global Education Ltd ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹7.01 लाख का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Net Profit) घोषित किया है। यह पिछले क्वार्टर (Q4 FY26) में दर्ज ₹21.38 लाख के घाटे के मुकाबले एक बड़ी राहत है। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) ₹3.19 लाख रहा।
ऑडिटर की रिपोर्ट में क्या है खास?
हालांकि, कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट के साथ ऑडिटर Asha & Associates की एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) भी आई है। इस रिपोर्ट में कई गंभीर वित्तीय और गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों को उजागर किया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पूर्व CFO पर ₹88.18 लाख की हेराफेरी का आरोप है।
इसके अलावा, कंपनी ₹10.69 करोड़ के वारंट प्रोसीड्स (Warrant Proceeds), ₹5.32 करोड़ की ज़मीन के एडवांस, ₹21.44 करोड़ के लोन और एडवांसेस (Loans and Advances), और ₹6.37 करोड़ के ट्रेनिंग खर्चों के लिए जरूरी दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाई है।
आगे क्या?
इन गंभीर आरोपों और दस्तावेज़ों के गायब होने की वजहों से कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निवेशकों को अब कंपनी के जवाबों का इंतजार रहेगा। कंपनी ने नए कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के तौर पर सुश्री रेनू मलिक की नियुक्ति की है। 33 अगस्त 2026 को होने वाली 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कंपनी धोखाधड़ी के इन मामलों को लेकर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
जोखिमों पर नज़र
मुख्य जोखिम कंपनी के वित्तीय बयानों की सटीकता और कथित धोखाधड़ी व दस्तावेज़ों की कमी का प्रभाव है। यह स्थिति कंपनी के लिए एक उच्च जोखिम वाला माहौल बनाती है।
