Vikalp Securities की 40वीं AGM में कंपनी के ऑपरेशनल ठप होने की जानकारी सामने आई है। लगातार दूसरे साल कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा है और अब प्रबंधन अपना रजिस्टर्ड ऑफिस उत्तर प्रदेश से गुजरात शिफ्ट करने की योजना बना रहा है।
ऑपरेशनल सुस्ती का दौर
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे निवेशकों के लिए चिंताजनक हैं। Vikalp Securities ने लगातार दूसरे साल ऑपरेशनल रेवेन्यू 0 दर्ज किया है। कंपनी को इस अवधि में ₹10.41 लाख का घाटा हुआ है।
क्यों शिफ्ट हो रहा है ऑफिस?
हाल ही में संपन्न हुई 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में प्रबंधन ने अपने रजिस्टर्ड ऑफिस को उत्तर प्रदेश से गुजरात ले जाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी का दावा है कि यह कदम प्रशासनिक सुविधा और लागत में कमी लाने के लिए उठाया जा रहा है।
क्या है रेगुलेटरी रिस्क?
कंपनी अपने मुख्य काम यानी शेयर ट्रेडिंग से कोई कमाई नहीं कर पा रही है, जिसके चलते प्रबंधन ने अब व्यक्तिगत लोन (Individual Lending) देने का रुख किया है। बड़ी बात यह है कि कंपनी के पास RBI के तहत NBFC के तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं है, जो एक बड़ा रेगुलेटरी रिस्क पैदा करता है।
ऑडिटर्स की चेतावनी
स्टैच्युटरी ऑडिटर्स ने कंपनी के कामकाज में गंभीर खामियां निकाली हैं:
- System Driven Disclosures (SDD): इसे लागू करने में कंपनी पूरी तरह विफल रही है।
- SEBI के नियम: SEBI (LODR) रेगुलेशंस के तहत फाइनेंशियल रिजल्ट्स को अखबारों में पब्लिश करने में देरी की गई है।
कंपनी ने इन कमियों के लिए प्रशासनिक बाधाओं को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वे इन मुद्दों को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी के बिजनेस मॉडल में स्पष्टता आने और रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर नजर बनाए रखें।
