Viji Finance ने शानदार कमबैक किया है। Q2 FY27 में कंपनी ने **₹1.51 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी नुकसान में थी।
मुनाफे में जोरदार वापसी
Viji Finance Ltd के लिए दूसरी तिमाही बेहद शानदार रही है। कंपनी ने ₹1.51 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है, जो पिछले साल के ₹9.69 लाख के नुकसान की तुलना में एक बड़ी छलांग है। कंपनी का रेवेन्यू भी उछलकर ₹2.77 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹57.58 लाख था। छमाही आधार पर देखें तो कंपनी का कुल मुनाफा ₹2.65 करोड़ रहा है।
लोन बुक में तेजी और विस्तार
कंपनी की बैलेंस शीट का आकार ₹56.50 करोड़ तक पहुंच गया है, जो मार्च 2026 में ₹33.65 करोड़ था। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह कंपनी का बढ़ता लोन बुक है, जो अब ₹52.07 करोड़ पर खड़ा है, जो आक्रामक लोन वितरण को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट बदलाव पर नजर
कंपनी अब गवर्नेंस फ्रेमवर्क को अपडेट कर रही है। नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में M/s. DDS & Associates की नियुक्ति के लिए शेयरधारकों से पोस्टल बैलट के जरिए मंजूरी ली जा रही है, क्योंकि पिछले ऑडिटर M/s. Dharmendra K. Agarwal & Co. ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही, वॉरंट के इक्विटी में कन्वर्जन के बाद 8.85 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं, जिससे पेड-अप इक्विटी कैपिटल बढ़कर ₹23.10 करोड़ हो गई है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिटर के बदलने की प्रक्रिया पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वित्तीय रिपोर्टिंग के दौरान ऐसे बदलाव महत्वपूर्ण होते हैं। साथ ही, तेजी से बढ़ते लोन बुक के कारण एसेट क्वालिटी और क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
