Viji Finance: ₹6.195 करोड़ जुटाए, पर इश्यू साइज घटा! जानें क्या हुआ

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Viji Finance: ₹6.195 करोड़ जुटाए, पर इश्यू साइज घटा! जानें क्या हुआ

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Viji Finance ने नॉन-प्रमोटर्स को 8.85 करोड़ कनवर्टिबल शेयर वारंट्स अलॉट किए हैं, जिससे उन्हें ₹6.195 करोड़ तुरंत मिल गए हैं। कंपनी ने इश्यू साइज को ₹35.70 करोड़ से घटाकर ₹24.78 करोड़ कर दिया है।

Viji Finance का बड़ा कदम: ₹6.195 करोड़ जुटाए

Viji Finance Limited ने 8,85,00,000 कनवर्टिबल शेयर वारंट्स का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा कर लिया है। इससे कंपनी को ₹6.195 करोड़ का अपफ्रंट सब्सक्रिप्शन मिला है। कुल इश्यू साइज को ₹35.70 करोड़ से घटाकर ₹24.78 करोड़ कर दिया गया है।

क्या हुआ?

Viji Finance Limited ने 16 जून, 2026 को नॉन-प्रमोटर/अन्य लोगों को 8.85 करोड़ कनवर्टिबल शेयर वारंट्स जारी करने की घोषणा की। वारंट की कुल राशि का 25%, यानी ₹6.195 करोड़, अपफ्रंट मिल गया है।

क्यों है यह अहम?

यह कैपिटल इन्फ्यूजन Viji Finance को तत्काल फंड्स देगा और निवेशकों का भरोसा भी दिखाएगा। हालांकि, कुल इश्यू साइज में कमी यह दर्शाती है कि कंपनी अपना पूरा फंड जुटाने का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। अगले 18 महीनों में इन वारंट्स के कनवर्ट होने से भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन होगा।

पूरी कहानी

यह प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट कंपनी की Preferential Allotment Committee ने मंजूर किया था। शुरुआत में यह इश्यू ₹35.70 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन तीन निवेशकों के 3.90 करोड़ वारंट्स में निवेश न करने के कारण इसे घटाकर ₹24.78 करोड़ कर दिया गया।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी को ₹6.195 करोड़ नकद मिल चुके हैं। बाकी 75% राशि का भुगतान वारंट होल्डर्स द्वारा 18 महीनों के भीतर कन्वर्जन राइट्स एक्सरसाइज करने पर किया जाएगा। इस अलॉटमेंट को BSE, NSE और The Calcutta Stock Exchange से इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल चुकी है।

जोखिम

  • फंडिंग में कमी: कुल इश्यू साइज का ₹35.70 करोड़ से ₹24.78 करोड़ होना, कंपनी की उम्मीदों से कम फंड जुटाने का संकेत देता है।
  • रद्द होने का जोखिम: यदि वारंट होल्डर्स 18 महीनों के भीतर अपने कन्वर्जन राइट्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो कंपनी को मिला अपफ्रंट अमाउंट जब्त हो सकता है।
  • इक्विटी डाइल्यूशन: भविष्य में वारंट्स का इक्विटी शेयर्स में कनवर्ट होना मौजूदा शेयरहोल्डिंग को डाइल्यूट करेगा।

आगे क्या?

निवेशकों को अगले 18 महीनों में वारंट होल्डर्स द्वारा कन्वर्जन राइट्स के इस्तेमाल पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी की फंड जुटाने के लक्ष्यों को पूरा करने और संभावित इक्विटी डाइल्यूशन को मैनेज करने की क्षमता अहम होगी।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.