Viji Finance ने 19 निवेशकों को 8.85 करोड़ कनवर्टिबल वारंट्स अलॉट करने को मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को तुरंत ₹6.19 करोड़ मिल गए हैं। हालांकि, कुल इश्यू साइज को घटाकर ₹24.78 करोड़ कर दिया गया है।
Viji Finance ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा किया, ₹6.19 करोड़ जुटाए
कंपनी ने 19 नॉन-प्रमोटर निवेशकों को 8.85 करोड़ कनवर्टिबल शेयर वारंट्स अलॉट किए हैं। इससे ₹6.195 करोड़ का भुगतान तुरंत प्राप्त हुआ है।
रीडर टेकअवे: कंपनी ने तुरंत पूंजी जुटा ली है, लेकिन इश्यू साइज कम हो गया है; 18 महीने में कन्वर्जन पर नज़र रखें।
क्या हुआ?
Viji Finance Limited की प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट कमेटी ने ₹2.80 प्रति वारंट की दर से 8.85 करोड़ कनवर्टिबल शेयर वारंट्स जारी करने को मंजूरी दे दी है। कुल इश्यू साइज ₹24.78 करोड़ है। कंपनी को कुल रकम का 25% यानी ₹6.195 करोड़ का भुगतान तुरंत मिल गया है। ये वारंट अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयरों में बदले जा सकते हैं।
यह क्यों मायने रखता है?
इस कदम से Viji Finance के लिए अतिरिक्त पूंजी सुरक्षित हो गई है, जिससे उसकी लिक्विडिटी बढ़ेगी। ₹6.195 करोड़ की यह तुरंत मिली राशि कंपनी को वित्तीय संसाधन प्रदान करती है। हालांकि, तीन प्रस्तावित निवेशकों की ओर से भागीदारी न होने के कारण कुल इश्यू साइज को मूल योजना ₹35.70 करोड़ से घटाकर ₹24.78 करोड़ कर दिया गया है।
पिछली कहानी
कंपनी की शुरूआती योजना 12.75 करोड़ वारंट्स जारी करके कुल ₹35.70 करोड़ जुटाने की थी। लेकिन, तीन खास निवेशक समूह - Vicky R. Jhaveri HUF, Rajesh Nanubhai Jhaveri HUF, और Mrs. Harsha Rajesh Jhaveri - ने निवेश न करने का फैसला किया। इसके कारण 8.85 करोड़ वारंट्स जारी करने की संशोधित योजना बनाई गई।
अब क्या बदलेगा?
अलॉटमेंट को मंजूरी मिलने के बाद, अब 19 नॉन-प्रमोटर निवेशकों के पास कनवर्टिबल वारंट्स हैं। उनके पास अगले 18 महीनों के भीतर Viji Finance के इक्विटी शेयरों में इन्हें बदलने का अधिकार है, बशर्ते वे बाकी 75% रकम का भुगतान करें। कन्वर्जन पर जारी किए जाने वाले शेयर SEBI (ICDR) रेगुलेशन, 2018 के लॉक-इन नियमों के अधीन होंगे।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इश्यू साइज में की गई कटौती, उम्मीद से कम पूंजी आने का संकेत देती है। निवेशकों को यह भी देखना होगा कि क्या अलॉटमेंट पाने वाले 18 महीने की अवधि के भीतर अपने कन्वर्जन अधिकारों का उपयोग करते हैं। यदि वे कन्वर्जन नहीं करते हैं, तो कंपनी द्वारा किया गया अग्रिम भुगतान जब्त हो जाएगा, जबकि अलॉटियों का वारंट्स में किया गया निवेश डूब जाएगा।
साथियों से तुलना
एक फाइनेंस कंपनी के तौर पर, Viji Finance की पूंजी जुटाने की गतिविधियां इस सेक्टर के लिए आम हैं। हालांकि, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के साइज और शर्तों की सटीक तुलना अन्य स्मॉल-कैप या माइक्रो-कैप फाइनेंस कंपनियों द्वारा हाल ही में की गई ऐसी कार्रवाइयों पर निर्भर करेगी, जिसका विवरण इस फाइलिंग में नहीं दिया गया है।
संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- अलॉट किए गए वारंट्स: 8,85,00,000 यूनिट
- प्रति वारंट इश्यू प्राइस: ₹2.80
- कुल इश्यू साइज: ₹24.78 करोड़
- अग्रिम भुगतान (25%): ₹6.195 करोड़
- कन्वर्जन अवधि: अलॉटमेंट से 18 महीने
- मूल प्रस्तावित इश्यू साइज: ₹35.70 करोड़ (12.75 करोड़ वारंट्स)
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अगले 18 महीनों में वारंट धारकों द्वारा कन्वर्जन अधिकारों के प्रयोग के संबंध में कंपनी के संचार पर करीब से नजर रखनी चाहिए। फंड के उपयोग की योजनाएं और Viji Finance द्वारा किए जाने वाले कोई भी अन्य कॉर्पोरेट एक्शन शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
