Vibrant Global Capital ने शानदार प्रदर्शन करते हुए FY26 में **₹17.48 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने सोने (Gold) में निवेश से मिली शानदार कमाई के बाद अब इक्विटी मार्केट में उतरने की रणनीति बनाई है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा था, लेकिन इस बार नतीजों ने बाजार को खुश कर दिया है। पिछले साल जहां कंपनी को ₹0.47 करोड़ का नुकसान हुआ था, वहीं इस साल कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹17.48 करोड़ हो गया है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का मुनाफा पिछले साल के ₹7.86 करोड़ से उछलकर ₹19.91 करोड़ पर पहुंच गया है।
सोना बेचना बना मुनाफे का जरिया
कंपनी की इस सफलता के पीछे गोल्ड (Gold) में किया गया निवेश रहा है। पिछले 16 महीनों में गोल्ड में निवेश से कंपनी को 70% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। अब मैनेजमेंट ने अपनी रणनीति बदलते हुए गोल्ड से पैसा निकालकर इक्विटी बाजारों में फिर से निवेश करने का फैसला किया है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी और अधिग्रहण
कंपनी ने The Private Reserrve Capital (TPR) में 65% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹5.99 करोड़ का सौदा किया है। इसके जरिए Vibrant Global Capital अब PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) और AIF सेवाओं में अपना कारोबार फैलाएगी।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने नेतृत्व में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं। मिसेज छाया अमरीश कपाड़िया को एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि मिस्टर विनोद गर्ग को अगले 5 सालों के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर री-अपॉइंट किया गया है।
