Vedanta Limited ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹3,479 करोड़** से बढ़कर **₹6,202 करोड़** पहुंच गया है, साथ ही बोर्ड ने प्रति शेयर **₹5** का डिविडेंड देने का ऐलान किया है।
बड़े बदलाव और वित्तीय स्थिति
कंपनी के रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो बढ़कर ₹26,356 करोड़ हो गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि मई 2026 में हुए डीमर्जर के बाद कंपनी का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। अब इसके प्रमुख बिजनेस जैसे एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, आयरन ओर और पावर को डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशंस के तौर पर अलग कर दिया गया है। यानी ये नतीजे एक पुनर्गठित और दुबले-पतले वेदांता की नई तस्वीर पेश करते हैं।
रेगुलेटरी अपडेट और जांच का साया
नतीजों के साथ ही कंपनी ने रेगुलेटरी मामलों पर भी स्थिति साफ की है। वेदांता ने स्वीकार किया है कि अतीत की शॉर्ट-सेलर रिपोर्टों के कारण कुछ जांचें चल रही हैं, जिन्हें कंपनी ने निराधार बताया है। साथ ही, जून 2026 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई छापेमारी का जिक्र करते हुए कंपनी ने कहा कि उसने पूरी तरह सहयोग किया है और उसके बाद एजेंसी से कोई नया नोटिस नहीं मिला है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि डीमर्जर के बाद की यह नई संरचना कितनी कुशलता से काम कर रही है। हालांकि, मौजूदा वित्तीय उछाल और डिविडेंड की खबर निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
