Vedanta Ltd ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹3,500 करोड़** जुटाने की योजना को बोर्ड से हरी झंडी दे दी है। कंपनी इस राशि को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाएगी।
फंड जुटाने की पूरी योजना\n\nVedanta Ltd के बोर्ड ने कंपनी की फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूती देने के लिए ₹3,500 करोड़ तक की राशि जुटाने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया में कुल 3,50,000 NCDs जारी किए जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति डिबेंचर रखी गई है। ये डिबेंचर्स अनसिक्योर्ड और रिडीमेबल नेचर के होंगे।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है मायने?\n\nकंपनी का यह कदम बैलेंस शीट को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, शेयरधारकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन डिबेंचर्स पर कूपन रेट (ब्याज दर) क्या तय होता है, क्योंकि यही कंपनी पर भविष्य के ब्याज का बोझ तय करेगा। फिलहाल, इन डिबेंचर्स को BSE पर लिस्ट कराने की तैयारी है, जिससे इसमें ट्रांसपेरेंसी बनी रहेगी।\n\n### आगे की राह और रिस्क\n\nनिवेशकों को अब उस डिस्क्लोजर डॉक्यूमेंट का इंतजार है, जिसमें कूपन रेट, रीपेमेंट शेड्यूल और फंड के इस्तेमाल का सटीक विवरण होगा। चूँकि ये डिबेंचर्स अनसिक्योर्ड हैं, इसलिए क्रेडिट रेटिंग्स पर नजर रखना जरूरी होगा। कंपनी के कर्ज का स्तर और ब्याज चुकाने की क्षमता आने वाले समय में स्टॉक पर असर डालने वाले प्रमुख फैक्टर्स होंगे।