Vedanta Iron And Steel की सब्सिडियरी ESL Steel Limited को GST विभाग से बड़ा झटका लगा है। कंपनी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के गलत इस्तेमाल के आरोप में **₹39.58 करोड़** का डिमांड नोटिस जारी किया गया है।
विवाद की जड़ क्या है?
ESL Steel Limited को रांची स्थित सेंट्रल GST और एक्साइज विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर की ओर से 27 अगस्त, 2026 को यह 'डिमांड-कम-शो कॉज' नोटिस मिला है। विभाग का आरोप है कि कंपनी ने 2020-21 से लेकर 2022-23 तक के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाया है।
इस कुल रिकवरी में ₹29.17 करोड़ का IGST, ₹3.26 करोड़ का CGST, ₹3.26 करोड़ का SGST और ₹3.89 करोड़ का सेस शामिल है।
कंपनी का क्या है स्टैंड?
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि फिलहाल उनके कामकाज पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह कंपनी के लिए एक फाइनेंशियल एक्सपोजर जरूर है। ESL Steel अब इस नोटिस की समीक्षा कर रही है और कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी निर्धारित समय के भीतर नियामक (regulator) के सामने अपना पक्ष रखेगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल कंपनी के कैश फ्लो पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इस कानूनी विवाद के नतीजे ही तय करेंगे कि कंपनी पर कितनी बड़ी लायबिलिटी आती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे BSE फाइलिंग पर नजर रखें, ताकि कंपनी द्वारा की जाने वाली कानूनी कार्रवाई और सेटलमेंट के अपडेट्स की जानकारी मिलती रहे।
