Vas Infrastructure Share: आई डोblichen मुसीबत! Insolvency Plan हुआ रिजेक्ट, कंपनी पर मंडराए खतरे के बादल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Vas Infrastructure Share: आई डोblichen मुसीबत! Insolvency Plan हुआ रिजेक्ट, कंपनी पर मंडराए खतरे के बादल

Vas Infrastructure के लिए मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कंपनी का Insolvency Resolution Plan NCLT ने रिजेक्ट कर दिया है, जिसके बाद एक नई Insolvency प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालिया नतीजों में कंपनी को मामूली आय पर ₹0.13 करोड़ का घाटा हुआ है।

Vas Infrastructure पर Insolvency का साया

Vas Infrastructure Ltd ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹0.13 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि कंपनी का रेवेन्यू सिर्फ ₹0.03 करोड़ रहा। कंपनी फिलहाल कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है।

नई Insolvency प्रक्रिया की शुरुआत

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच-II ने 7 जुलाई, 2026 को Authum Investment and Infrastructure Limited द्वारा Vas Infrastructure के लिए पेश किए गए रेजोल्यूशन प्लान को खारिज कर दिया। इसके चलते, एक नई CIRP प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें 120 दिनों के अंदर नया इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम तैयार कर नया फॉर्म G जारी करना होगा।

क्यों है यह चिंता की बात?

रेजोल्यूशन प्लान का रिजेक्ट होना कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता को और बढ़ा देता है। साथ ही, केनरा बैंक (Canara Bank) द्वारा कंपनी के लोन अकाउंट को 'फ्रॉड' (Fraud) कैटेगरी में डालना एक बड़ा रिस्क पैदा करता है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) के तौर पर कंपनी की क्षमता पर संदेह जताया है, जिससे निवेशकों का भरोसा हिल सकता है।

कंपनी की पुरानी स्थिति

Vas Infrastructure 11 मार्च, 2024 से CIRP के तहत है। इस दौरान बोर्ड के अधिकार निलंबित हैं और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) कंपनी का मैनेजमेंट संभाल रहे हैं।

आगे क्या होगा?

कंपनी को अब 120 दिनों की सख्त समय-सीमा के भीतर अपनी CIRP प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी। इसमें नया इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम तैयार करना और नया फॉर्म G जारी करना शामिल है, ताकि एक समाधान तक पहुंचा जा सके।

मुख्य जोखिम

यहां प्रमुख जोखिमों में केनरा बैंक द्वारा 'फ्रॉड' वर्गीकरण, रिजेक्ट हुए रेजोल्यूशन प्लान से उत्पन्न अनिश्चितता, और ऑडिटर की 'गोइंग कंसर्न' पर संदेह शामिल हैं। कंपनी का बहुत कम रेवेन्यू भी ऑपरेशनल चुनौतियों की ओर इशारा करता है।

भविष्य पर नजर

निवेशकों को 120 दिनों की NCLT समय-सीमा के भीतर ताजा CIRP की प्रगति और 'फ्रॉड' वर्गीकरण से संबंधित किसी भी अन्य रेगुलेटरी एक्शन या अपडेट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.